महाभारत के अनुशासन पर्व के २१ वें अध्याय में “हिंसा और मांसभक्षण” की घोर निन्दा की गई है।मनुष्य को मन, वचन और कर्म से हिंसा न करने और मांस न खाने का आदेश देते हुए दिया है। रुपमव्यङ्गतामायुर्बुद्धिं सत्त्वं बलं स्मृतिम् । प्राप्तुकामैर्नरैहिंसा वर्जिता वै महात्मभिः ।। ―(२१/९) अर्थात्―जो सुन्दर रुप, पूर्णाङ्गता, पूर्ण-आयु, उत्तम बुद्धि, […]
🌷महाभारत में मांसभक्षण-निषेध🌷