गिरीश बिष्ट रुद्रपुर, उत्तराखंड सेन्टर फाॅर माॅनिटरिंग इंडियन इकॉनमी की जनवरी 2023 में जारी रिर्पोट के अनुसार भारत में दिसम्बर 2021 तक बेरोजगारों की संख्या 5.3 करोड़ है, जिसमें 3.5 करोड़ लगातार काम खेज रहे हैं. भारत में रोजगार मिलने की दर बहुत कम है. ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी देखने को मिल […]
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हर घर बिजली का सपना पूरा हो रहा है
ज्योति बिश्नोई और अंजली मालखट लूणकरणसर, राजस्थान विज्ञान ने मनुष्य को अनेकों वरदान दिए हैं, जिसमें बिजली की खोज प्रमुख है. ऊर्जा के इस शक्तिशाली स्रोत ने इंसानी सभ्यता में क्रांति ला दी है. इसकी वजह से विकास के अनेकों द्वार खुल गए. मनुष्य के जीवन का ऐसा कोई वर्ग नहीं है जिससे बिजली की […]
डॉ. दीप नारायण पाण्डेय कुछ हजार साल पहले की बात है। उत्तर भारत के घने जंगलों में आयुर्वेद की क्लास चल रही थी। इस सत्र में कुछ द्रव्यों की थेराप्यूटिक एफीकेसी पर विशेष चर्चा हो रही थी। हमेशा की तरह अग्निवेश ने अपने दिग्गज गुरु भगवान पुनर्वसु आत्रेय के सामने एक रोचक प्रश्न रखा: ”गुरु […]
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा टमाटर के भावों में तेजी के साथ ही एक बात साफ हो गई है कि सरकार का कहीं ना कहीं बाजार निगरानी तंत्र कमजोर है। पूरे देश में टमाटर के भावों को लेकर हाहाकार मचा तब जाकर नेफैड और एनसीसीएफ की नींद खुली, नहीं तो बाजार आकलन के अनुसार पहले ही […]
अंकित सिंह 2024 चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। हाल में ही विपक्षी दलों की एक बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में भाजपा के खिलाफ मिलकर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है। विपक्षी एकता को इंडिया का नाम दिया गया है। इसके बाद से इस बात […]
Dr DK Garg पिछले कई दिनो से भारतीय टीवी चैनल और यू ट्यूब पर बहस आ रही है और भारतीय विद्वान जिनको कोई काम नही है वो अपना स्पष्ट निर्णय सुना रहे हैं की सीमा पाकिस्तानी जासूस है,उसको ISIS ने तैयार किया है ,सीमा फर्राटादार अंग्रेजी बोलती है,उसके पास चार आधार कार्ड मिले है और […]
उमेश चतुर्वेदी प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का वश नहीं। लेकिन इन आपदाओं से जुड़ी कुछ घटनाएं और सामान्य हादसे ऐसे होते हैं, जिन पर काबू पाया जा सकता था। हाल के दिनों में घटी कुछ घटनाओं को इन्हीं श्रेणियों में रखा जा सकता है। इन घटनाओं ने देश और समाज को विचलित कर दिया। पहली […]
चुनावी बांड और राजनीतिक चंदे की व्यवस्था
ललित गर्ग अधिकतर राजनीतिज्ञों का मकसद बस किसी तरह चुनाव जीतना और सत्ता हासिल करना हो गया है। चुनाव जीतने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जाता है और सत्ता में आने पर पैसा बनाने के सारे हथकंडे अपनाए जाते हैं। वर्ष 2024 के आम चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे हैं, राजनीतिक दलों […]
समान नागरिक संहिता और भारतीय संविधान
गोपा नायक समान नागरिक संहिता ने एक बार फिर विधि आयोग का ध्यान आकर्षित किया है और इस तरह यह उम्मीद जगी है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार रिकॉर्ड को दुरुस्त करने का काम कर सकती है। “राज्य पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास […]
नरेन्द्र नाथ इस बार संसद का मॉनसून सत्र सियासी तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है। इस सत्र में विपक्ष जोर-शोर से अपनी एकजुटता की मुहिम का सियासी रिहर्सल करना चाहेगा। दूसरी ओर सत्ता पक्ष यानी सरकार विपक्षी खेमे की तमाम कोशिशों को सदन के अंदर ही परास्त कर उसके नैरेटिव को शुरू होने […]