उत्पादन के स्रोतों पर किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि सरकार का अधिकार होना चाहिए। ऐसा हम नहीं कहते भाई, ये एक कम्युनिस्ट सिद्धांत है। अब ये बताइये कि किसान यानी “अन्नदाता” के लिए उत्पादन का स्रोत क्या है? उसकी जमीन? तो कम्युनिस्ट शासन में किसानों की जमीनें हड़प ली जाती हैं। नहीं, ये कोई मजाक […]