लेखक – जगतसिंह हुड्डा स्त्रोत – देहात रत्न चौधरी मातूराम आर्य जीवन वृत प्रथम पीढ़ी के आर्यसमाजी चौ० मातूराम ने चौथी पास करने के बाद ‘पढ़ाई छोड़ दी’ और 16 वर्ष की आयु में ही इस क्षेत्र में पहले यज्ञोपवीत (जनेऊ) धारण कर आर्य समाजी बने और समाज में फैली कुरीतियों का पर्दाफाश करने का […]