बहुत सी दुर्बलताओं के उपरांत भी कांग्रेस का गौरवपूर्ण इतिहास है। इसके गौरवपूर्ण पक्ष पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लालबहादुर शास्त्री और इन जैसी अनेकों प्रतिभाएं अपना डेरा डाले बैठी हैं, जिनको पढ़े बिना कांग्रेस का इतिहास किसी भी जिज्ञासु विद्यार्थी की समझ आ नहीं सकता। जिन लोगों ने कांग्रेस को केवल […]
Category: डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से
पूर्वोत्तर भारत के मणिपुर राज्य में भाजपा ने पहली बार अपनी सरकार बनाई है। यहां पर यद्यपि कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, परंतु भाजपा का उछाल यह स्पष्ट कर रहा था कि यहां की जनता ने अपना समर्थन भाजपा को दिया है। इसके अलावा एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि भाजपा […]
भारत का संविधान अपने मौलिक स्वरूप में पंथनिरपेक्ष संविधान है। यह पंथनिरपेक्षता शब्द अपने आप में प्रत्येक व्यक्ति के उन सभी अधिकारों की सुरक्षा करता है जिनकी कल्पना तक आज के मानवाधिकारवादी कर भी नहीं सकते। राज्य किसी के प्रति पक्षपाती नहीं होगा और देश के प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय सुलभ […]
हमें बाबा रामदेवजी और आचार्य बालकृष्ण जी जैसी महान विभूतियों का इस बात के लिए ऋणी होना चाहिए कि उन्होंने भारत को विश्वगुरू बनाने की दिशा में ठोस पहल की है और भारतीय धर्म, संस्कृति और चिकित्सा प्रणाली सहित भारत की महान विरासत अर्थात योग की ओर भी संसार का ध्यानाकर्षित करने में महान सफलता […]
कौन जीता कौन हारा
उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, मणिपुर और गोवा की पांचों विधानसभाओं के चुनाव परिणाम आ गये हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश विधानसभा के 403, उत्तराखण्ड के 70, पंजाब विधानसभा के 117, मणिपुर के 60 और गोवा के 40 सदस्यों को जनता ने चुना है। चुनाव परिणामों पर यदि दृष्टिपात किया जाए तो स्पष्ट होता है कि […]
ऐसे पिता को नमन
आई.एस. आतंकी सैफुल्लाह की लाश को उसके पिता सरताज ने यह कहकर लेने से इंकार कर दिया है कि वह एक गद्दार बेटे की लाश नहीं लेंगे। एक पिता के लिए ऐसा निर्णय लेना सचमुच बहुत बड़ी बात है। क्योंकिजब बेटे की लाश सामने हो तो उस समय सामान्यतया विवेक मर जाता है और व्यक्ति […]
पांच राज्यों के चुनावों की प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव में है। सभी राजनीतिक दलों ने इन चुनावों में वैसे तो हर प्रांत में अपनी शक्ति का भरपूर प्रयोग किया है और जहां जिसका जितना दम है उसको दिखाने में कोई कसर नही छोड़ी है। परंतु उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जिस पर हर […]
यूरोप में मानवाधिकारों की संकल्पना भारत से गयी है। जबकि तथाकथित प्रगतिशील लेखकों और इतिहासकारों ने हमें कुछ इस प्रकार समझाने का प्रयास किया है कि यूरोप से चलकर मानवाधिकार की संकल्पना भारत पहुंची है। यूरोप ने 15 जून 1215 को अपने ज्ञात इतिहास की ऐसी पहली तिथि स्वीकार किया है जब मानवाधिकारों की ओर […]
भारत के छात्रों की राजनीति एक बार फिर गरमा रही है। जे.एन.यू. में कुछ दिनों पूर्व जो कुछ देखने को मिला था अब कुछ वैसा ही डी.यू. में देखने को मिला है-जहां कुछ छात्रों ने देशविरोधी नारे लगाये हैं, जिसका ए.बी.वी.पी. ने विरोध किया है। कम्युनिस्ट दलों के नेताओं सहित सभी धर्मनिरपेक्ष दलों ने न्यूनाधिक […]
बी.एम.सी. चुनाव परिणामों से पूर्व शिवसेना काफी उत्साहित थी। शिवसेना का आत्मविश्वास बताा रहा था कि नोटबंदी से परेशान हुए लोग मोदी सरकार को दण्ड अवश्य देंगे और वह दण्ड शिवसेना के स्वयं के लिए पुरस्कार बन जाएगा, जिससे वह बी.एम.सी. में अपना बहुमत प्राप्त करने में सफल होगी। इसी भ्रांति के कारण शिवसेना ने भाजपा […]