(मधुकथा २००५०३) यदि हम अष्टांग या राजाधिराज योग का पालन करें और आध्यात्मिक साधना करें तो कर्म काण्ड की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जो जीवन गुण-धर्म तब हम अपनाएँगे वह सहज, सामयिक, ज्ञान विज्ञान युक्त व तर्क संगत होंगे। कुछ नया होने लगेगा या जो सही हो रहा था वह युक्ति पूर्ण लगने लगेगा! तब हम […]