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भारतीय संस्कृति

वैदिक काल की सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था

उगता भारत ब्यूरो वैदिक काल प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक काल खंड है। उस दौरान वेदों की रचना हुई थी। इस सभ्यता की जानकारी के स्रोत वेदों के आधार पर इसे वैदिक सभ्यता का नाम दिया गया। समाज पितृसत्तात्मक था। संयुक्त परिवार की प्रथा प्रचलित थी। परिवार का मुखिया ‘कुलप’ कहलाता था। परिवार कुल कहलाता था। कई कुल मिलकर ग्राम, […]

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आतंकवाद

महिलाओं पर क्रूरता दिखा रहे तालिबानियों पर खामोश क्यों हैं लोग

दिव्या गौरव त्रिपाठी तालिबान की ओर से अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्रालय के कार्यवाहक मंत्री के रूप में नियुक्त किए गए अब्दुल बकी हक्कानी ने कहा कि महिला छात्रों के लिए कक्षाएं पुरुषों से अलग होंगी। कुछ दिनों पहले सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों से हक्कानी ने बात की। उन्होंने कहा कि […]

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राजनीति

राजनीतिक गोटियां बिछाने में व्यस्त और मस्त हैं हमारे देश के नेता

नरेंद्र नाथ  2024 आम चुनाव से पहले एक तरफ विपक्षी एकता की कोशिश चल रही है तो कुछेक क्षेत्रीय दलों की राष्ट्रीय हसरत भी नए सिरे से जग रही है। ऐसे समय में जब कांग्रेस खुद अपने अंदरूनी संकट से जूझ रही है और तमाम राज्यों में गुटबाजी के कारण कमजोर हो रही है, इन […]

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इतिहास के पन्नों से

धर्म के संस्थापक श्री कृष्ण और राधा रानी

कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष नारायण सिंह आर्य श्री कृष्ण भगवान् को राधा के साथ जोड़ना – अश्लीलता भरा वर्णन करना, प्रेम लीला रास लीला दिखाना,१६१०८ गोपियों से शादी करना। शर्म नहीं आती जब देखो तब कृष्ण राधा से जुड़ी पोस्ट कॉपी पेस्ट कर देते हैं। नकलची बन्दर न कहें तो और क्या कहें ? ये […]

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विधि-कानून विविधा

परिवर्तन के दौर से गुजरते संस्कृति और कानून

  जब भारत गुलामी के दौर में था, तो कई ऐसे कानून बने जिनके जरिये यहाँ की मूल जनता को कुचला जा सके। इनके कारण जो चीज़ें हमारी संस्कृति का हिस्सा थी, उनमें से कई लापता होने लगी। जब शास्त्रों और शस्त्रों पर प्रतिबन्ध लगने लगे तो कई कलाओं को उनका रूप बदलकर जीवित रखा […]

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आज का चिंतन

ज्ञान की परंपरा से पैदा होती है व्यक्ति के गीत और सृजनात्मकता

  डॉ. जितेंद्र बजाज यह प्रश्न करना कि अपनी प्राचीन ज्ञान परंपरा पर हमें क्यों चर्चा करनी चाहिए, स्वयं में एक विलक्षण प्रश्न है। दुनिया में किसी भी देश में इस प्रकार का प्रश्न नहीं पूछा जाता। यूरोप में यदि आप किसी से पूछें कि ग्रीक और लैटिन पढऩा क्यों आवश्यक है, तो वह आप […]

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भारतीय संस्कृति

दृढ़संकल्प , संयम और अनुशासन के बल पर भारत बना दुनिया का सिरमौर

शिवा नंदवंशी भारतवासियों ने इस एक सदी में बहुत कुछ बदलते देखा। कभी ब्रिटिश शासन में होटलों के बाहर कुत्ता और हिंदुस्तानी अंदर न आ सकेंगे, यह भी हमारे पूर्वजों ने देखा, सुना, सहा। कभी गांधीजी को रेलवे का फर्स्ट क्लास का टिकट होने के बाद भी अश्वेत होने के कारण गाड़ी से गोरों ने […]

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विविधा

तबलीगी जमात मुस्लिम कट्टरता की फैक्ट्री ऐसे संगठनो पर प्रतिबंध लगना चाहिए

डॉ. नीलम महेंद्र सऊदी अरब और ईरान जैसे मुस्लिम मुल्कों में इसे प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद भारत में इसकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगना तो दूर की बात है बल्कि भारत की राजधानी दिल्ली के भीतर भारत सरकार की नाक के नीचे ही इसका अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय है। कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई में भारत धीरे-धीरे […]

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विविधा

समस्त विश्व में कोरोना महामारी परोसने के जुर्म मे चीन को सजा मिलना समय की आवश्यकता

डॉ. दीपकुमार शुक्ल चीनी राष्ट्रपति ने न केवल पूरे विश्व को भ्रम में रखा बल्कि चीनी नागरिकों को भी समय रहते सूचना नहीं दी। चीन सरकार ने 14 से 19 जनवरी तक यह बात सबसे छुपाये रखी कि वुहान शहर में कोरोना नाम के किसी नये और लाइलाज वायरस का पता चला है। पूरे विश्व […]

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उगता भारत न्यूज़

हिंदू संतों की हत्या पर भड़की हिंदू महासभा : लॉकडाउन खुलने के बाद पालघर के लिए करेंगे कूच : मनीष पाण्डे

अयोध्या महाराष्ट्र पालघर के दानू तहसील में जूना अखाड़े से जुड़े हुए हिंदू संत कल्पवृक्ष गिरी व सुशील गिरी तथा उनके ड्राइवर नीलेश तलगड़े, कि जिस तरह पीट-पीटकर नृशस हत्या की गई, वह अपने आप में ना सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है बल्कि मानवता के नाम पर भी कलंक है उक्त बातें हिंदू महासभा के […]

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