जरा अपने ही गिरहवान में झांक कर तो देखिए :- नफरत हो जायेगी तुझे, अपने ही किरदार से। अगर मैं तुमसे, तेरे ही किरदार में बात करूँ॥2705॥ प्रेम की महिमा :- जब आइना एक था, तो चेहरा भी एक था। आइना क्या टूटा, चेहरे भी जुदा-जुदा हो गए॥2706॥ कौन हैं पृथ्वी के भूषण और भार […]