Categories
बिखरे मोती

तनु-भाव में जो रम गया, उसे मिलै हरि का देश

बिखरे मोती-भाग 99 ऋजुता का जीना सदा, राखै हरि समीप। एक कुटिलता के कारनै, बुझै ज्ञान का दीप ।।931।।  व्याख्या :- ऋजुता से अभिप्राय है कि सरलता अर्थात हृदय का कुटिलता रहित होना। जिनका हृदय ऋजुता से ओत-प्रोत होता है उन्हें प्रभु का सानिध्य प्राप्त होता है। वे प्रभु-कृपा  के पात्र होते हैं, किंतु हृदय […]

Categories
बिखरे मोती

प्रेरणा ले आगे बढ़ै, करे जीवन का कल्याण

बिखरे मोती-भाग 106 चल मनुवा उस देश को, जहां मिलै आनंद। प्रकृति से है परे, वह प्यारा परमानंद ।। 955 ।। व्याख्या :- महर्षि पतंजलि ने कहा था कि संसार के सारे क्लेश तन, मन और बुद्घि में है। मन का स्वभाव है-माया (प्रकृति) में रमण करना, और बुद्घि को भी माया में ही लगाये […]

Categories
बिखरे मोती

मुक्ति में इच्छा लेने की, भक्ति में देने का भाव

बिखरे मोती-भाग 90 कर्म बदल सत्कर्म में, जीवन के दिन चार। पुण्य मुद्रा स्वर्ग की, भर इसके भण्डार ।। 898 ।। व्याख्या :  हे मनुष्य! यह जीवन क्षणभंगुर है। जितना हो सके कर्मों को पुण्य में परिवर्तित कर क्योंकि स्वर्ग की मुद्रा पुण्य है। इसी के आधार पर तुझे स्वर्ग में प्रवेश मिलेगा। इसलिए समय […]

Categories
बिखरे मोती

वह परमात्मा अज्ञान से अत्यंत परे है

बिखरे मोती-भाग 89 जितना समीप परमात्मा, इतना कोई नाहिं। कारण बनकै रम रहा, हर कारज के माहिं ।। 893 ।। व्याख्या : प्रकृति से अधिक समीप स्थूल शरीर है, स्थूल शरीर से अधिक समीप सूक्ष्म शरीर है, सूक्ष्म शरीर से अधिक समीप कारण शरीर है, कारण शरीर से अधिक समीप अहम है और अहम से […]

Categories
बिखरे मोती

देह, आत्मा, जगत की, कभी एकता न होय

बिखरे मोती-भाग 88 कृपा जीवन बदल देती है, रंक को राजा बना देती है। दिखने में कृपा मामूली लगती है किंतु गुणकारी और प्रभावशाली इतनी होती है कि जिंदगी का कायाकल्प कर देती है। देखने में तो लाइटर की चिंगारी भी बड़ी सूक्ष्म होती है, किंतु जब वह चूल्हे की अग्नि बनकर जलती है तो […]

Categories
बिखरे मोती

हे मनुष्य! याद रख, तू आनंद लोक का वासी है

बिखरे मोती-भाग 87 कर्म करो ऐसे सदा, मीठी याद बन जाय। तू पंछी उस देश का, जाने कब उड़ जाये ।। 885 ।।  व्याख्या : हे मनुष्य! यह जीवन क्षणभंगुर है। इसका कोई भरोसा नही है। तू पृथ्वी पर कर्म-क्रीड़ा करने के लिए आनंद लोक से आया है। इसलिए यहां पर ऐसे कर्म कर ताकि […]

Categories
बिखरे मोती

कड़ुवा और क्रोध में, मत बोलो कभी बोल

बिखरे मोती-भाग 86 मांगे से तीनों घटें,  प्यार पुरस्कार सत्कार। सहज भाव से होत है, सदा तीनों का विस्तार ।। 873 ।। बिन मांगे मत सीख दे, बिन श्रद्घा के दान। वाणी पर संयम रखें, वे नर चतुर सुजान  ।। 874 ।। सीख अर्थात उपदेश, सलाह मन को चिंता में नही, चिंतन में जो लगाय। […]

Categories
बिखरे मोती

आत्मबोध से मिटत है,जग में सभी अभाव

बिखरे मोती-भाग 83 जग में दुर्लभ ही मिलें, उर में साधुभाव। यही तो दैवी संपदा, पार लगावै नाव ।। 860 ।। साधुभाव-अंत:करण के श्रेष्ठ भावों को साधुवाद कहते हैं। श्रेष्ठभाव अर्थात सद्गुण-सदाचार दैवी संपत्ति है। व्याख्या : इस संसार में जमीन जायदाद और धन वैभव के स्वामी तो बहुत मिलते हैं किंतु दैवी संपत्ति का […]

Categories
बिखरे मोती

पवित्र बुद्घि से आत्मा के स्वरूप को पहचान

बिखरे मोती-भाग 174 गतांक से आगे…. जो आशा को ‘ब्रह्म’ मानकर उसकी उपासना करता है, उसके सब आशीर्वाद अमोघ होते हैं, फलते हैं, किंतु आशा की गति की भी एक सीमा है। नारद ने पूछा, तो क्या भगवन! आशा से बढक़र भी कुछ है? हां है। नारद ने कहा, तो भगवन! आप मुझे उसका ही […]

Categories
बिखरे मोती

बिखरे मोती भाग-52

चित चिंतन और चरित्र को, राखो सदा पुनीत भाव यह है कि प्रेम के बिना संसार के सारे रिश्ते ऐसे लगते हैं जैसे सूखा गन्ना। सूखा गन्ना शक्ल सूरत से तो बेशक गन्ना दिखाई देता है किंतु रस न होने के कारण वह अनुपयोगी हो जाता है। ठीक इसी प्रकार यदि सांसारिक रिश्तों में प्रेम […]

Exit mobile version
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking güncel giriş
betnano güncel giriş
betnano güncel giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betpark giriş
meybet giriş
meybet giriş
norabahis giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
norabahis giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
milanobet giriş
maritbet giriş
maritbet giriş
interbahis giriş
interbahis giriş
hiltonbet giriş
hiltonbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vipslot giriş
vipslot giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meybet giriş
meybet giriş
aresbet giriş
aresbet giriş
betnano giriş
meritking giriş
meritking giriş
Grandpashabet Giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
hititbet giriş
meybet
meybet
vipslot giriş
vipslot giriş
orisbet giriş
orisbet giriş
bahiscasino giriş
bahiscasino giriş
perabet giriş
perabet giriş