मानव जीवन को सफल बनाने के लिए सर्वप्रथम मनुष्य के अंदर उच्च प्रकार की आस्तिकता उसके हृदय में ईश्वर के प्रति भरी हुई होनी चाहिए। आस्तिकता को अपने अंदर भरने के लिए मनुष्य ईश्वर को परिछिन्न अर्थात एक- देसी अथवा किसी एक स्थान पर रहने वाला न मानकर उसको विभु अर्थात सर्वत्र विद्यमान रहने वाला […]