जब किसी मुस्लिम राजवंश का पतन होता था तो स्वाभाविक रूप से अंतिम समय के सुल्तानों का अपने शासन पर नियंत्रण शिथिल हो जाता था। शासन की इस शिथिलता का लाभ हमारे तत्कालीन हिंदू वीर अवश्य उठाते थे। यह क्रम 1206 ई. से लेकर अब तक (तुगलक वंश के अंतिम दिनों तक) यथावत चला आ […]
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रविकांत सिंह नितिन गडकरी का नाम सुनते ही ही लगता है कि एक सादगी पूर्ण जीवन शैली को अपनाकर देश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाने वाले एक प्रभावशाली व्यक्तित्व की बात हो रही है। सचमुच सामाजिक न्याय और समानता के लिए जिस डगर को अपने राजनैतिक सफर के लिए नितिन गडकरी ने चुना उसने […]
सावधान! हो रहा है राजनीति का मोदीकरण
राकेश कुमार आर्यपूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री ‘नरेन्द्र मोदी’ ने जिस प्रकार पटेल की जयंती पर इंदिरा गांधी की ‘घोर उपेक्षा’ की है, उसे देश की राजनीति के लिए उचित नही कहा जा सकता। मोदी शायद भूल गये लगते हैं कि […]
एक परिचयतुष्टिकरण की नीति छोड़ो देश भक्तों को आगे लाएं।हिंदू महासभा से नाता जोड़ें, हिन्दुओं को विजयी बनायें।हिंदू राष्ट्र और हिंदू संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भारत में वैधानिक रीति से हिंदूराज्य स्थापित कर हिंदू महासभा के ध्येय को साध्य करने के लिए मैं निम्नलिखित उद्देश्यों को उचित मानता हूं-1. अखण्ड हिन्दुस्थान की […]
राजनीति में कहां बची है नैतिकता?
शिवकुमार गोयल वास्तव में आज भारत का गणतंत्र दल-दल में धंसता दिखाई देता है। स्वाधीनता के बाद भारत यदि सबसे अधिक किसी क्षेत्र में संकट ग्रस्त है तो वह है नैतिक मूल्यों का संकट। अपने महान आध्यात्मिक व नैतिक मूल्यों, उच्चादर्शों जैसे सदगुणों के कारण जगतगुरू के रूप में विख्यात रहा भारत आज तेजी से […]
प्रस्तुति पं. बाबा नंदकिशोार मिश्र हिंदू महासभा 1939 में ही स्वातंन्त्रय वीर सावरकर द्वारा दिये गये एक सुस्पष्ट आहवान का पुन: उद्घोष करती है कि राजनीति का हिंदूकरण और हिंदुओं का सैनिकीकरण किया जाए। यद्यपि हिंदू महासभा के उपरोक्त आदर्श का प्रारंभ में कांग्रेस ने उपहास किया था किंतु 1962 ई. में उसके सामने भी […]
देश की राजनीति ले रही है करवट
महाभारत के शांतिपर्व में भीष्म पितामह युधिष्ठर को राजधर्म का उपदेश देते हुए बताते हैं-‘‘जो बुद्घिमान, त्यागी, शत्रुओं के छिद्रों (दोषों) को जानने में तत्पर, देखने में सुंदर, सभी वर्णों के न्याय और अन्याय को समझने वाला, शीघ्र कार्य करने में समर्थ, क्रोधविजयी, आश्रितों पर कृपालु, महामनस्वी, कोमल स्वभाव युक्त, उद्योगी, कर्मठ, और आत्मप्रशंसा से […]
देश में मुस्लिमों की तेरह-चौदह प्रतिशत आबादी के मद्देनजर अभी हाल में संपन्न हुए चुनावों में लोकसभा में पहुंचे कुल 24 मुस्लिम सांसदों की संख्या पर कई लोगों ने सवालिया निशान उठाया है। इनका मानना है कि तेरह-चौदह प्रतिशत की आबादी वाले समुदाय के लिए इतनी सीटों का होना चिंता का विषय है, जबकि आबादी […]
कभी आंसू बन जाते हैं तकदीर,कभी आंसू मिटा देते हैं तस्वीर।आंसुओं का भी अपना इतिहास है,कभी इनसे घबराती है शमशीर।बादल गरजता है बरसता है,पर पपीहा एक बूंद को तरसता है।हृदयाकाश में उठे गर नेकनीयती की बदरिया,तो आंसू ‘मोदी के मोती’ बनकर झरता है।। 20 मई को भाजपा के नवनिर्वाचित सांसदों की बैठक संसद में हो […]