दिव्य अग्रवाल (लेखक व विचारक) जिस प्रकार एक वट वृक्ष अपने समक्ष प्रकृति के प्रत्येक स्वरूप को देखता है , संघर्ष करता है और अनंत काल तक लोगो को छाया प्रदान करता है उसी प्रकार समाज में , राजनीति में भी कुछ ऐसे चेहरे होते हैं जो लम्बे समय तक वट वृक्ष की भूमिका का […]