इतिहास में ऐसे नायक कम ही हैं, जिन्हें विनायक दामोदर सावरकर की तरह तीखे और धूर्ततापूर्ण दुष्प्रचार अभियानों का सामना करना पड़ा हो। ये वही सावरकर हैं, जिन्होंने एम.एन. रॉय, हीरेंद्रनाथ मुखर्जी और एस.ए. डांगे जैसे भारत के शुरुआती कम्युनिस्ट नेताओं समेत अनेक राजनीतिक नेताओं और राष्ट्रभक्तों को प्रेरित किया था। लेकिन, अपने पूर्ववर्तियों के […]
सावरकर और गांधी