डॉ अजय खेमरिया “मोदी है तो मुमकिन है”यह नारा पिछले लोकसभा चुनावों में जमकर चला।यह भारतीय मतदाताओं को भी खूब भाया और 2014 की तुलना में ज्यादा सीटें देकर जनता ने नरेन्द्र मोदी को फिर से देश की कमान सौंपी।दुबारा सत्ता में आने के बाद’ मोदी है तो मुमकिन है’ के नारे को सार्थक बनाने […]
Month: December 2019
ललित गर्ग कहते हैं कि पानी की असल अहमियत वही शख्स समझता है, जो तपते रेगिस्तान में एक बूंद पानी की खोज के लिए मीलों भटका हो। वह शख्स पानी की कीमत क्या जाने, जो नदी के किनारे रहता है। भारत के कई राज्यों में पीने के पानी की भारी समस्या है और उसके […]
रामायण एक ऐसा ग्रंथ है जिसने न केवल भारत वासियों को बल्कि संसार के अन्य देशों के निवासियों को भी एक सुव्यवस्थित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया है । इसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम सहित अन्य अनेकों पात्रों की ऐसी गंभीर मर्यादानुकूल भूमिकाएं हैं कि उन्हें यदि आज का समाज स्वीकार कर ले तो संसार […]
राहुल गांधी द्वारा सावरकर के बारे में दिए गए बयान को लेकर शिवसेना के कान खड़े हो गये हैं । शिवसेना ने राहुल गांधी के सावरकर संबंधी बयान पर जिस प्रकार अपनी आपत्ति व्यक्त की है उससे स्पष्ट हो रहा है कि यदि राहुल गांधी अपनी बात पर कायम रहे तो महाराष्ट्र में बनी नई […]
दादरी । (सुंदरलाल शर्मा ) बार एसोसिएशन दादरी के अधिवक्ताओं ने एक बैठक कर वर्तमान बार एसोसिएशन से शीघ्र अतिशीघ्र नए चुनाव करने की मांग की है । इस संबंध में जानकारी देते हुए दयानंद नागर एडवोकेट ने बताया कि वर्तमान बार एसोसिएशन का कार्यकाल अब से बहुत पहले पूर्ण हो चुका है । परंतु […]
मुंबई । ( विशेष संवाददाता ,) यहां पर आयोजित किए गए एक विशेष कार्यक्रम में पहुंचे अखिल भारत हिंदू महासभा के नेता और कार्यकारी अध्यक्ष संदीप कालिया ने कहा कि आगामी 2 फरवरी 2020 को दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन के समय पार्टी की आगामी कारगर रणनीति की घोषणा […]
महिलाओं के संवैधानिक अधिकार
भारत में संवैधानिक रूप से महिलाओं के कई प्रकार के वैधानिक अधिकारों की घोषणा की गई है । संविधान प्रदत्त अधिकारों की इस व्यवस्था के उपरांत भी महिलाओं पर अत्याचार होना सचमुच दुर्भाग्यपूर्ण है । इसका अभिप्राय है कि या तो महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हैं या व्यवस्था ने संवैधानिक अधिकारों के […]
ओ३म् ========== वैदिक धर्म ही एक मात्र ऐसा धर्म है जिसके पास परमात्मा का सृष्टि के आरम्भ में दिया हुआ वेद ज्ञान उपलब्ध है। सृष्टि की उत्पत्ति 1.96 अरब वर्ष पूर्व तिब्बत में हुई थी। परमात्मा ने प्रथम बार अमैथुनी सृष्टि करके स्त्री व पुरुषों को युवावस्था में उत्पन्न किया था। यह मान्यता ऋषि दयानन्द […]
गार्गी ने चाहे जितने भी प्रश्न ऋषि याज्ञवल्क्य से पूछे , उन सबके पूछने के पीछे कारण यही था कि वह याज्ञवल्क्य ऋषि की सर्वोत्कृष्टता और सर्वश्रेष्ठता को सिद्ध कर देना चाहती थी । वह नहीं चाहती थी कि ऋषि याज्ञवल्क्य के बारे में कल को कोई यह कहे कि वह गायों के सींगों के […]
आरबीएल निगम वीर सावरकर पर राहुल गॉंधी की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बयान के बाद से महाराष्ट्र में मिलकर सरकार चला रही शिवसेना और कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ गई है। वहीं, सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कहा है कि इस बयान के लिए उद्धव ठाकरे को […]