नई दिल्ली नवम्बर 25, 2019। गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं व उनके दर्शन में सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण का मार्ग समाहित है। आज आज दक्षिणी दिल्ली के संत नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित गुरुनानक ज्ञान यज्ञ के उपरांत उपस्थित जन समूह को श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय के सुखद निर्णय पर […]
Month: November 2019
हमारे वेदों के अनुसार सृष्टि के आदि व्यवस्थापक महर्षि मनु के संविधान अर्थात मनुस्मृति के अनुसार संपूर्ण संसार कभी व्यवस्थित , अनुशासित और मर्यादित रहा है । यह अलग बात है कि अपने इस महामानव के साथ हम आज भी अन्याय कर रहे हैं , और मनुवादी मनुवादी व्यवस्था कहकर व्यवस्था को कोसने का काम […]
जमशेदपुर । (विशेष संवाददाता ) श्रीमती शकुंतला ,खीरवाल ने जीवन भर समाजसेवा को अपना लक्ष्य बनाकर दूसरों के लिए मिसाल कायम की और संसार को छोड़ने के बाद भी उनके नेत्रदान करके उनके परिवार के लोगों ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए फिर एक मिसाल कायम की । मारवाड़ी महिला मंच जमशेदपुर द्वारा राष्ट्रीय […]
——————————————– अध्याय —- 13 मुगल हो गए थे वह भयभीत संसार में भारत ही एक ऐसा देश है जिसने विश्व को बौद्धिक नेतृत्व प्रदान किया । इसने आत्मा के विषय में भी यह सिद्धांत प्रतिपादित किया कि यह सदा बनी रहती है। इसका कभी अंत नहीं हो सकता । शरीर ही मरता है, आत्मा नहीं […]
——————————————– अध्याय —- 13 मुगल हो गए थे वह भयभीत संसार में भारत ही एक ऐसा देश है जिसने विश्व को बौद्धिक नेतृत्व प्रदान किया । इसने आत्मा के विषय में भी यह सिद्धांत प्रतिपादित किया कि यह सदा बनी रहती है। इसका कभी अंत नहीं हो सकता । शरीर ही मरता है, आत्मा नहीं […]
——————————————– अध्याय —- 13 मुगल हो गए थे वह भयभीत संसार में भारत ही एक ऐसा देश है जिसने विश्व को बौद्धिक नेतृत्व प्रदान किया । इसने आत्मा के विषय में भी यह सिद्धांत प्रतिपादित किया कि यह सदा बनी रहती है। इसका कभी अंत नहीं हो सकता । शरीर ही मरता है, आत्मा नहीं […]
-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हम संसार में अपनी अपनी माता के गर्भ से उत्पन्न हुए हैं वा हमने अपनी माता से जन्म लिया है। यदि माता न हो तो हम अपने जन्म की कल्पना भी नहीं कर सकते। परमात्मा ने इस सृष्टि को बनाया है और उसी ने इस माता-पुत्र से पवित्र सम्बन्ध को भी […]
आर्य सागर खारी इतिहासकार अर्नाल्ड जे टायनबी ने कहा था – विश्व के इतिहास में अगर किसी देश के इतिहास के साथ सर्वाधिक छेड़ छाड़ की गयी है, तो वह भारत है । *भारतीय इतिहास का प्रारंभ सिन्धु घाटी की सभ्यता से होता है, इसे हड़प्पा कालीन सभ्यता या सारस्वत सभ्यता भी कहा जाता है. […]
-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। संसार में तीन अनादि सत्तायें वा पदार्थ हैं जो ईश्वर, जीव व प्रकृति के नाम से वैदिक साहित्य में वर्णित किये गये हैं। वेदों की भाषा मनुष्यकृत न होकर परमात्मा की अपनी भाषा है। वेद की संस्कृत भाषा के शब्द भी परमात्मा के द्वारा प्रयुक्त होने से उसके द्वारा उत्पन्न वा […]
गाजियाबाद । ( उगता भारत , ब्यूरो डेस्क ) यूँ तो प्रदेश की हर सरकार ने सरकारी भूमि के उचित रखरखाव के लंबे चौड़े दावे किए हैं , परंतु सच यह है कि प्रदेश की सरकारी भूमि पर राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी खुद मिलकर ही अवैध कब्जा करवाते हैं । लेखपाल से लेकर […]