Categories
Uncategorised उगता भारत न्यूज़

महासर राजेंद्र सिंह आर्य शोध संस्थान द्वारा आयोजित संगोष्ठी संपन्न

विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के वक्ताओं ने रखे अपने बेबाक विचार कहा : भारतीय संस्कृति है विश्व की अनमोल संस्कृति अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बाबा नंद किशोर मिश्र की अध्यक्षता , जबकि राष्ट्र निर्माण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर विक्रमसिंह मुख्य अतिथि के रूप में हुए उपस्थित , विश्व हिंदू परिषद के […]

Categories
उगता भारत न्यूज़

महाशय राजेंद्र सिंह आर्य शोध संस्थान द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी संपन्न

ग्रेटर नोएडा । विशेष संवाददाता महाशय राजेंद्र सिंह आर्य स्मृति शोध संस्थान द्वारा आर्य समाज मंदिर में आयोजित भारतीय संस्कृति की उत्कृष्टता और माता-पिता का हमारे जीवन में योगदान विषय पर आयोजित की गई एक विचार गोष्ठी में बोलते हुए राष्ट्र निर्माण पार्टी के अध्यक्ष ठाकुर विक्रमसिंह ने कहा कि माता पिता का भारतीय संस्कृति […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

बड़ा दिन अर्थात 25 दिसंबर है भीष्म पितामह का निर्वाण दिवस

आज हमारे पूज्य पिता श्री महाशय राजेंद्रसिंह आर्य जी की 108 वी जयंती है । इस अवसर पर मैं आपके लिए क्या लिखूं ? यह सोच रहा था । तब विचार आया कि क्यों ना आज इतिहास के एक महानायक भीष्म पितामह के विषय में कुछ लिखा जाए । उसी की परिणति है यह आलेख […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

क्रांतिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती के अवसर पर विशेष

आज क्रांतिकारियों के सिरमौर श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती है । आज ही के दिन 1857 में , जो कि भारतीय इतिहास में क्रांति वर्ष के नाम से विख्यात है , हमारे इस क्रांति पुत्र का जन्म हुआ था । श्यामजी कृष्ण वर्मा ही हमारे वह क्रांति नायक हैं , जिनसे क्रांतिवीर सावरकर , मदन […]

Categories
धर्म-अध्यात्म

हम ईश्वर का प्रत्यक्ष कैसे कर सकते हैं ?

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हमारे सभी शास्त्रों में ईश्वर की चर्चा है और वेद सहित अनेक ग्रन्थों में ईश्वर के स्वरूप व उसके गुण, कर्म व स्वभाव का वर्णन भी है। ऋषि दयानन्द ने आर्यसमाज के दूसरे नियम में ईश्वर के सत्यस्वरूप पर प्रकाश डाला है। इस नियम के अनुसार ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, […]

Categories
धर्म-अध्यात्म

हम ईश्वर का प्रत्यक्ष कैसे कर सकते हैं ?

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हमारे सभी शास्त्रों में ईश्वर की चर्चा है और वेद सहित अनेक ग्रन्थों में ईश्वर के स्वरूप व उसके गुण, कर्म व स्वभाव का वर्णन भी है। ऋषि दयानन्द ने आर्यसमाज के दूसरे नियम में ईश्वर के सत्यस्वरूप पर प्रकाश डाला है। इस नियम के अनुसार ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, […]

Categories
आज का चिंतन

क्या है इतिहास की सही परिभाषा

इतिहास की भारतीय विद्वानों के अनुसार परिभाषा कुछ इस प्रकार स्थापित की जा सकती है :— ” इतिहास धर्म का रक्षक है , संस्कृति का पोषक है , मानवता का उद्धारक है, समाज का मार्गदर्शक है , राष्ट्र का उन्नायक है और अतीत में हुई दुर्घटनाओं से शिक्षा लेकर मर्यादा पथ को प्रशस्त करने वाले […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

हिंदू राष्ट्र के स्वप्न द्रष्टा : बंदा वीर बैरागी —- अध्याय — 6

———————————————– लक्ष्मण देव से बने बैरागी माधोदास क्रांतिकारी नेताओं को जन्म देने में भारत भूमि प्राचीन काल से ही उर्वरा भूमि के रूप में जानी जाती रही है । यहां पर ऋषियों ने भी क्रांति की है । जिन्होंने अपने अद्भुत आविष्कारों से संसार को चमत्कृत किया और उसको नए – नए आविष्कारों का लाभ […]

Categories
धर्म-अध्यात्म

फलित ज्योतिष का ज्ञान वेदविहित न होने से कल्पनिक और त्याज्य है

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हम वर्षों से देख रहे हैं कि हमारे देश में फलित ज्योतिष की यत्र-तत्र चर्चा होती रहती है और बहुत से लोग फलित ज्योतिष की भविष्य-वाणियों में विश्वास भी रखते हैं। ऐसा होने के कारण ही हमारे देश में फलित ज्योतिष के ग्रन्थों का अध्ययन कर दूसरों का भाग्य बताने वालों […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

गांधी जी के अंतिम दिन रहे थे अत्यंत दर्दनाक : श्याम सुंदर पोद्दार

गॉधीजी ने भारत की एक राजनैतिक पार्टी कॉंग्रेस को अधिनायक की तरह २७ वर्ष तक चलाया। कॉंग्रेस के अध्यक्ष को एक रबर स्टाम्प का अध्यक्ष बना कर रख दिया। कॉंग्रेस अध्यक्ष हो या कॉंग्रेस कार्यकारिणी समिति का सदस्य हो ,उन सबको गॉधीजी ही तय करते थे। सिर्फ़ एक बार व्यतिक्रम टूटा,१९३९ में जब सुभाष चन्द्र […]

Exit mobile version