अशोक प्रवृद्धभारतीय मन आदि सनातन काल से ही प्रकृति के प्रति संवेगित व संवेदनशील रहा है और प्रकृति तथा पर्यावरण के साथ समन्वय, सामंजस्य व संतुलन स्थापित कर प्रकृति संरक्षण के प्रति कृत संकल्पित होकर जिओ और जीने दो के सिद्धांत पर चलना ही भारतीय जीवन पद्धति हैद्य मनुष्य का प्राकृतिक जीवन व्यतीत करना भारतीय […]
Month: September 2015
संघ-भाजपा संबंधों पर से पर्दा हटा
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का नाम भी भारतीय डाक टिकटों से मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में जिस तरह के निर्णय लिए गए हैं, वह भी विध्वंसकारी स्थिति है। इतिहास की किताबों को नए सिरे से लिखा जा रहा है। इन नई पुस्तकों में उन लोगों को मिटाया जा रहा […]
तनवीर जाफऱी विगत् लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश को ‘कांग्रेस मुक्त’ किए जाने का आह्वान ऐसे समय में किया गया था जबकि देश मंहगाई तथा भ्रष्टाचार से पूरी तरह जूझ रहा था। साथ-साथ मोदी के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने देश को मंहगाई व भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने का वादा […]
मृत्युंजय दीक्षित 12 सितम्बर 2015 के दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ओर अत्यंत ऐतिहासिक निर्णय सुनाया जिसके बाद प्रदेश में निुयक्त किये गये 1.72 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन रदद कर दिया । शिक्षामित्रों का समायोजन रदद हो जाने के बाद प्रदेशभर के शिक्षामित्र आक्राेिशत हो रहे हैं। अनेक शिक्षामित्रों ने आत्महत्या कर ली है जबकि […]
लालू की बेतुकी बकवास
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण पर दिए गए बयान पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने फेसबुक पर लिखा कि आर.एस.एसऔर भाजपा आरक्षण खत्म करने का कितना भी सुनियोजित माहौल बना ले। देश का 80 फ़ीसदी दलित,पिछड़ा वर्ग इनको मुंहतोड़ जवाब देगा। वोटों की राजनीति के जादूगर और वोटों के लिए राजनीति […]
पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने साहस का परिचय देते हुए केन्द्र की मोदी सरकार से भी पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विषय में स्पष्ट कर दिया है कि नेताजी 1945 के पश्चात भी जीवित रहे थे। उन्होंने ऐसी 64 फाइलों को जनता के सामने लाकर पटक दिया, जिनसे स्पष्ट होता है कि […]
सुरेश हिंदुस्थानी हमारे देश में हजारों भूमिपुत्र आज भी केवल बारिश के पानी के सहारे खेती करने पर निर्भर रहते हैं। इसके पीछे कारण साफ है वर्तमान में खेती लाभ का धंधा नहीं है। जितनी उपज मिलती है, उसके अनुपात में लागत और मेहनत का आंकलन किया जाए तो उससे ऊपर ही होती है। यानी […]
राजनीतिक बयानबाजियों का गिरता स्तर
राजनीति में वर्तमान दौर सचमुच गिरावट का दौर है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजनीतिक बयानबाजियों को एक गरिमा तक बांधे रखने में असफल रहे हैं। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में ‘मां-बेटे की सरकार’ कहकर सोनिया और राहुल गांधी पर खूब व्यंग्य कसे थे, बाद में ऐसे व्यंग्य कसना और भाषण में कड़वाहट घोलना उनकी स्वयं […]
पी.डी. ओस्पेंस्की ने ‘‘ए न्यू मॉडल ऑफ दी यूनीवर्स’’ पृष्ठ 509 पर लिखा है: ‘‘मनुष्यों का चार वर्णों में वर्गीकरण एक आदर्श समाज व्यवस्था है। इसका कारण यह है कि वास्तव में यह एक स्वाभाविक वर्गीकरण है। चाहे लोग इसे चाहें या न चाहें, चाहे वे इसे मानें या न मानें मगर वे चार वर्गों […]
दलिया में भरपूर पोषक तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य को बनाएं रखते है, शरीर के कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करते हैं, हार्ट के कार्यो में सुधार लाते है और बॉडी के मेटाबोल्जिम को फिट रखते हैं। सबसे बड़ी बात कि दलिया खाने से अतिरिक्त वजन भी कम होता है। आजकल मार्केट में दलिया के पैकेट […]