संजय द्विवेदी अब जबकि भोपाल में 10 सितंबर से विश्व हिंदी सम्मेलन प्रारंभ हो रहा है, तो यह जरूरी है कि हम हिंदी की विकास बाधाओं पर बात जरूर करें। यह भी पहचानें कि हिंदी किसकी है और हिंदी की जरूरत किसे है? लंबे समय के बाद दिल्ली में एक ऐसी सरकार है जिसके मुखिया […]
Month: September 2015
इस नियुक्ति का शिशुपाल ने उद्दण्डता पूर्वक विरोध् किया। उसके विरोध् को शांत करने का भीष्म पितामह और अन्य सभी महानुभावों ने प्रयास किया। कृष्ण शांतमना सारा दृश्य देखते और झेलते रहे। अंत में जब शिशुपाल उनका वध् करने भागा तो कृष्ण जी के द्वारा उसी का वध् कर दिया गया। उसके पश्चात् वह यज्ञ […]
दुनिया का सबसे बड़ा सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म फेसबुक इंक ने अपने मैसेंजर सर्विस के अंतर्गत पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट ‘M’ लेकर आया है। इसके प्रतियोगियों की तरह यह यूजर्स को मौसम की जानकारी और पिछली रात के बेसबॉल के स्कोर्स और माउंट एवरेस्ट की उंचाई जैसे बातों को बताएगा। M का उपयोग रिमाइंडर भेजने और ऑनलाइन […]
घरेलू हैंडसेट निर्माता Intex ने कहा कि यह Redmond आधारित IT की बड़ी कंपनी Microsoft के साथ पार्टनरशिप कर रहा ताकि दो वर्ष के लिए Microsoft के वनड्राइव के जरिए स्मार्टफोंस में 50 GB का क्लाउड स्टोरेज स्पेस दे सके। कंपनी ने कहा, ‘Intex Smartphones में 16GB ROM और 2GB RAM के साथ वन ड्राइव […]
क्या आप एडवेंचर स्पोर्ट्स की चाहत में कुछ भी छोड़ सकते हैं? क्या आप प्रकृति के करीब रहना पसंद करते हैं? अगर इन सवालों का जवाब आपकी ओर से ‘हां’ है, तो आप एडवेंचर स्पोर्ट्स की दुनिया में अपने लिए बेहतर करियर तलाश सकते हैं। घरेलू पर्यटन में वृद्धि होने की वजह से एडवेंचर स्पोर्ट्स […]
मेरठ की वह सुर्ख सुबह
जनवरी 1857 की शुरूआत में ही मेरठ छावनी के सिपाहियों को एक नये कारतूस के प्रयोग की हिदायत दे दी गयी थी। नई एनफील्ड कारतूस जारी कर दी गयी थी। लेकिन अंग्रेज अधिकारियों को सूचना मिली कि कारतूस को लेकर सिपाहियों में तमाम तरह की आशंकाएं हैं। मुसलमान और हिंदू सिपाहियों को खबर मिली थी […]
गतांक से आगे….मत जी खाने के लिए,जीने के लिए खाय।मन को रखना मोद में,रोग निकट नही आय ।। 963।। व्याख्या : महर्षि पतंजलि ने कहा था-हित भुक, मितभुक, ऋतभुक अर्थात भोजन ऐसा करो जो तुम्हारे शरीर की प्रकृति और ऋतु के अनुकूल हो किंतु भूख से थोड़ा खाओ। अत: मनुष्य को खाने के लिए नही […]
कश्मीर का सुल्तान सिकंदरकश्मीर दुर्भाग्य और दुर्दिनों से जूझ रहा था। धर्म नष्ट हो रहा था, और ‘दीन’ फैलता जा रहा था। अंधेरा गहराता जा रहा था, और दूर होने का नाम नही लेता था। इसी काल में कश्मीर का सुल्तान सिकंदर बन गया। इसने अपनी उपाधि ही ‘बुतशिकन’ (मूर्ति तोडऩे वाला) की रख छोड़ी […]
मुलायम हुए कठोर
सियासत में रास्ते कभी खत्म नहीं होते। मुलायम सिंह के कठोर तेवर के बाद महागठबंघन में जहां सबकुछ ठहरा नजर आने लगा है तो दूसरी ओर सुलह के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं। पहले मनाने-रिझाने पर माथापच्ची होगी। विकल्पों पर विचार या आरपार आखिरी रास्ता होगा। सवाल उठता है कि अगर गतिरोध नहीं […]
प्रवीन गुगनानी विश्व हिंदू परिषद उस संगठन का नाम है जो संभवत: देश में संगठन कम और परिवार अधिक के रूप में चिर परिचित है; इस देश के बहुसंख्य हिंदुओं ने इस संगठन को जहां परिवार के रूप में देखा व स्वयं को इसकी इकाई के रूप में महसूसा वहीँ इसे संगठन के रूप में […]