मनुष्य के लिए सबसे उत्तम संविधान क्या है? यह प्रश्न इस जगत के सृष्टा के हिरण्यगर्भ रूपी मानस में उस समय भी था जब कोई नही था और कोई था तो वह-“भूतस्य जात: पतिरेक आसीत” सभी भूतों (प्राणियों) का एक मात्र स्वामी ईश्वर था। तब उस ‘एक’ ने अपनी समस्त प्रजा के लिए (मानव मात्र […]
Month: January 2015
अजय आर्य झालावाड़। यहां हरिगढ़ में ‘उगता भारत ट्रस्ट’ के माध्यम से ‘संस्कृति जागरण-देश जागरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा पंडित नंदकिशोर मिश्र ने किया। श्री मिश्र ने इस अवसर पर कहा कि ‘उगता भारत ट्रस्ट’ का उद्देश्य इस देश की सांस्कृतिक विरासत की […]
1947 में देश के विभाजन का प्रमुख कारण मुस्लिम साम्प्रदायिक थी। जिन्नाह ने स्पष्ट घोषणा कर दी थी कि-‘‘हिंदू मुसलमानों का एक राष्ट्र के रूप में सहअस्तित्व संभव नही है। वह दो अलग-अलग राष्ट्र हैं। किसी भी राजनैतिक अथवा प्रशासनिक उपाय द्वारा उनको एक राष्ट्र में संगठित नही किया जा सकता है। उनके प्रेरणा स्रोत […]
अचूक घरेलू नुस्खे
जब बाल झड़े नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा। बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। फायदा होगा। दस मिनट का कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। बाल नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ (रूसी) भी नहीं होगी। कफ और […]
24 जनवरी पर विषेषः- मृत्युंजय दीक्षित बसंत पंचमी का पर्व हिंदू धर्म का एक बहुत ही महान पर्व है। इस पर्व का हिंदू संस्कृति व धर्म में विषेष महत्व है। यह पर्व अपने आप में कई मनोहारी प्राकृतिक परिवर्तनों को तो संजोए हैं ही साथ ही यह पर्व अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए भी प्रसिद्ध […]
एक संघर्षमयी गाथा नेताजी- सुभाष चन्द्र बोस
23 जनवरी पर विशेष मृत्युंजय दीक्षित भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सुभाषचन्द्र के निष्काम कर्म का साक्षात दर्षन है। 23 जनवरी 1897 को जन्मे सुभाषजीवन पर्यन्त युद्धकर्म और संघर्ष तथा संगठन में रत रहे। सुभाषजब15 वर्ष के थे उसी समय दूसरा महत्वपूर्ण प्रभाव स्वामी विवेकानंद और उनके गुरू स्वाामी रामकृष्ण परमहंस का पड़ा। सुभाष के […]
ओबामा की भारत-यात्रा
ओबामा के लिए भारत का महत्व कितना है, इसका अंदाज उनके अभिभाषण से लगता है, जो उन्होंने अपनी कांग्रेस (संसद) को दिया है। उसमें दुनिया के लगभग दर्जन भर देशों का संदर्भ आया है लेकिन उसमें से भारत नदारत है। वे भारत आ रहे हैं, इसे हमारी सरकार अभूतपूर्व और ऐतिहासिक बता रही है, जो […]
हंगामे का मुंहतोड़ जवाब
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने काफी पते की बात कह डाली है। उन्होंने सत्तारुढ़ और विपक्षी दलों, सबको आईना दिखा दिया है। एक तरफ विपक्षियों के हंगामे की उन्होंने आलोचना की है तो दूसरी तरफ उन्होंने सरकार के अध्यादेश-प्रेम को भी आड़े हाथों लिया है। राष्ट्रपति की यह स्पष्टवादिता बताती है कि प्रणब दा का अपना […]
पुण्य प्रसून बाजपेयी संघ परिवार से जो गलती वाजपेयी सरकार के दौर में हुई, वह गलती मोदी सरकार के दौर में नहीं होगी। जिन आर्थिक नीतियो को लेकर वाजपेयी सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया, उनसे कई कदम आगे मोदी सरकार बढ़ रही है लेकिन उसे कठघरे में खड़ा नहीं किया जायेगा। लेकिन मोदी […]
अपने विज्ञापनों पर फिजूलखर्ची
सूचना के अधिकार का सबसे ज्यादा उपयोग करनेवाले श्री सुभाष अग्रवाल ने अब एक और धमाका कर दिया है। कभी-कभी मुझे लगता है कि यह अकेला आदमी कितना कमाल कर रहा है। कभी-कभी वह संसद से भी ज्यादा भारी दिखाई पड़ने लगता है। वह ऐसे सवाल सरकार से पूछ लेता है कि सरकार के पसीने […]