गतांक से आगे…..-विचारणीय विषय क्र. 8धारा 3 के अनुसार Hostile Environment अर्थात् उपद्रवी माहौल (वातावरण) बनाना या भयावह वातावरण बनाकर किसी के मौलिक अधिकारों का हनन करना अपराध माना जाएगा। इसका तात्पर्य यह है कि यदि आतंकी या दंगों की घटनाओं में लिप्त कुछ मुसलमान अपराधियों को जेल से छोडऩे की घोषणा कोई सरकार (यथा-उ.प्र. की स.पा. […]
Month: January 2014
आज का चिंतन-08/01/2014
दिल-दिमाग से कुछ उपजाएँ वरना इधर से उधर ही करते रहेंगे – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com अपने दिल और दिमाग का जितना अधिक उपयोग किया जाए उतना वे शरीर और उसके अंगों को चलाते हैं। जितना हमारा शरीर चलता है उतना ही ज्यादा स्वस्थ और मस्त रहता है। इसलिए जीवन में सदैव स्फूर्ति, आनंद और स्वास्थ्य […]
आज का चिंतन-07/01/2014
खूब हैं कहने वाले‘आपकी कृपा है’ – डॉ. दीपक आचार्य9413306077 जो सामने मिलता है, खैरियत पूछने पर यही कहता है – आपकी कृपा है। दिन में सौ लोग मिलेंगे तो उन सभी से आदमी यही कहेगा – आपकी कृपा है। आजकल औरों की कृपा पर जिन्दा रहने वाले लोगों की भरमार सभी जगह है। हर […]
धर्म से निरपेक्ष अर्थात धर्महीन व्यक्तियों से अमर्यादित और असंयमित आचरण की ही अपेक्षा की जा सकती है। महामति महामानव चाणक्य इन अधर्मियों पर धर्म की नकेल डालने के लिए धर्म सभा की स्थापना कर भारत की प्राचीन परंपरा का पुन: प्रचलन कराते। इनके मानसिक पापों का प्रक्षालन कराने के लिए इन पर मानवीय मूल्यों […]
संसार के महा पुरुषों को दो श्रेणी में बांटा जा सकता है। एक तो वे जिनका जीवन प्रारम्भ से अन्त तक निष्कलंक रहा और दूसरे वे जिनके प्रारम्भिक जीवन में तो पतन कारी प्रवृतियां दिखाई दीं किन्तु बाद में वे अपनी प्रवल ईच्छा शक्ति व आत्म साधना के बल पर जीवन को ऊंचाइयों तक ले […]
आज का चिंतन-06/01/2014
सबके बस में नहीं है पाना अधिकार और आनंद एक साथ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आनंद हृदय से प्राप्त होते हैं और अधिकारों का संबंध शरीर से होता है। यह कतई जरूरी नहीं है कि जो व्यक्ति जितना अधिक अधिकार सम्पन्न है उसे उतने ही अधिक पैमाने पर आनंद की प्राप्ति हो ही। यह […]
बिखरे मोती-भाग 33
सेना राजा की शक्ति है, ब्राह्मण वेद-विचारबाल वृद्घ गुरू कन्या को,नही लगाओ पैर।कुपित होय परमात्मा,मांगे मिलै न खैर।। 480।। दूसरों को खुश देखकै,सज्जन मोद मनाय।देख दूसरों को दुखी,दुर्जन खुश हो जाय ।। 481।। समय परिस्थिति देखकै,शत्रु से कर व्यवहार।कभी विनय कभी वीरता,वक्त का कर इंतजार ।। 482।। स्त्रियों का बल रूप है,यौवन मधुर व्यवहार।सेना राजा […]
आज का चिंतन-05/01/2014
भगवान जब खुश होता है नालायकों से दूर कर देता है – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com जो लोग अपने ईमान, धर्म और सत्य पर चलते हैं उनके लिए जीवन की कई सारी समस्याओं को ईश्वर अपने आप दूर कर देता है। ईश्वर हमेशा अच्छे लोगों के साथ रहता है और उन्हें हर क्षण मदद भी करता […]
विश्वके ऐसे कितने ही देश हैं जिन्होंने दिन के प्रकाश में अपनी स्वतंत्रता को खो दिया और ऐसा खोया कि फिर कभी उसे प्राप्त न कर सके। ऐसी स्थिति उन्हीं लोगों की या देशों की हुआ करती है, जो अपनी जिजीविषा और जिज्ञासा को या तो शांत कर लेते हैं या उसे खो बैठते हैं। […]
आज का चिंतन-04/01/2014
हमेशा बनी रहनी चाहिए कोई न कोई चुनौती – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आजकल इंसान की फितरत में कुछ ऎसी बातें आ गई हैं जिनकी वजह से उसके कर्मयोग की रफ्तार मंद होती जा रही है। उसे अब न जरूरी काम याद रहते हैं न वह अपनी इच्छा से कोई ऎसे काम कर पाता है […]