राकेश कुमार आर्य भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित रैली ने उनकी अब तक की पूर्व की रैलियों के अनुसार एक बार फिर सिद्घ कर दिया है कि देश का युवा कांग्रेस के युवा नेता राहुल गांधी की ओर आकर्षित न होकर मोदी की ओर आकर्षित हो […]
Month: October 2013
राहुल गांधी ने सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों को बचाने के लिए लाये गये अध्यादेश पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अचानक मीडिया के सामने प्रस्तुत होकर टिप्पणी की है कि यह अध्यादेश ‘बकवास’ है और इसे फाड़कर फेंक दें। यह अच्छी बात है कि राजनीति को ‘बकवास’ होने से बचाने के लिए कांग्रेस के युवा […]
आज का चिंतन-03/10/2013
इंसान से भी गए बीते हैं वे जो खुद को भगवान समझते हैं – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com पिछले कुछ समय से स्वयंभू लोगों की हमारे यहाँ जबरदस्त बाढ़ आयी हुई है। इनमें सभी धंधों, गोरखधंधों, वर्गों, क्षेत्रों और हुनरों वाले लोग हैं जो स्वयंभू बने हुए अपने आपको भगवान से कम नहीं समझते […]
राकेश कुमार आर्य वैदिक संस्कृति संसार की सर्वोत्तम संस्कृति है। इस संस्कृति ने अहिंसा को धर्म के दस लक्षणों में जीवन को उन्नतिशील बनाने वाले दस यम नियमों में प्रमुख स्थान दिया है। इसने दुष्ट की दुष्टता के दमन के लिए मन्यु की अर्थात सात्विक क्रोध की तो कामना की है, परंतु अक्रोध को धर्म के ही […]
आज का चिंतन-02/10/2013
युगपुरुषों का नाम न भुनाएँ गांधी को अपनाएँ, शास्त्री को जानें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आज महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री जयन्ती का दिन है। इस दिन भारतमाता ने दो सपूतों को भारत भाग्य विधाता के रूप में धरा पर भेजा। इनके उच्चतम आदर्शों और कर्मयोग ने भारतभूमि को इतना कुछ दिया […]
इसलाम और जीव दया-1
गतांक से आगे…उक्त पशु की कुरबानी होगी, यह तो एक वास्तविकता है, लेकिन उसे जिन रास्तों से गुजरना पड़ता है उसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। एक ट्रक में कितने बकरे, भेड़ अथवा गऊ वंश ले जाए जा सकते हैं, उनके लिए सरकार ने नियम बनाए हैं। लेकिन यदि आप किसी ट्रक को […]
आज का चिंतन-01/10/2013
जीवन में अनुकूलता पाने करें वैचारिक तरंगों का इस्तेमाल – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हमारा पूरा जीवन अदृश्य अनुनादों और तरंगों पर केन्दि्रत है जिनका ऊपरी तौर पर कोई संबंध नहीं दिखता लेकिन सूक्ष्म धरातल पर जाने पर अक्षर ब्रह्म, तरंगों और अनुनादों की अवधारणा को पूरी तरह स्वीेकारना ही होगा। अदृश्य तरंगों से […]