उत्तराखण्ड के केदारनाथ तीर्थधाम पर आयी जल प्रलय सचमुच कई सवाल छोड़ गयी है-जैसे कि क्या यह आपदा मानवीय थी या प्राकृतिक थी? और इस आपदा से निपटने में धर्मस्थलों पर धर्म कितना काम आया? या किसने अपना कितना धर्म निभाया, इत्यादि। मानव प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करता-करता अहंकारी और दम्भी हो गया है। इसने […]
Month: July 2013
आज का चिंतन-04/07/2013
पुराने युग में न जीएं आधुनिकताओं को अपनाएं डॉ. दीपक आचार्य9413306077dr.deepakaacharya@gmail.com नए जमाने की तकनीकों और विधियों का प्रयोग हर युग की जरूरत रही है और कोई सा युग ऎसा नहीं रहा जब कुछ न कुछ नया नहीं हुआ हो। दुनिया की प्रत्येक इकाई से लेकर जमाने भर के लिए हर युग ने कुछ न […]
आज का चिंतन-03/07/2103
उत्तराखण्ड आपदा से सबक लें धर्म के नाम पर धंधा चलाने वाले डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com धर्म और अध्यात्म वे मार्ग हैं जो संसार की यात्राओं की परिपूर्णता अथवा सांसारिकता से वैराग्य अथवा अनासक्त जीवन से जुड़े हैं और इन रास्तों पर चलने वाले लोगों को अधर्म, अनाचार आदि सब कुछ छोड़ छुड़ा कर इस […]
स्वामी विवेकानंद और योगी अरविंद का मत रहा है कि भारत की शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य अपने देश की विरासत की आध्यात्मिक महानता पर बल देना और उसे बनाए रखने के लिए हमारे दायित्व के निर्वाह पर बल देना होना चाहिए, जिससे हम विश्व को प्रकाश का मार्ग दिखा सकें। यदि आध्यात्मिकता भारत से लुप्त […]
आज का चिंतन (02/07/2013)
अब भी समय है चेत जाएं ये आह कहीं का न छोड़ेगी – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com उत्तराखण्ड आपदा को हुए आखिर सोलहवाँ भी बीत गया। आज इतने दिनों बाद भी देशवासी अपने ही देश में लावारिश से भूख-प्यास और अधमरी अवस्था में जाने किन-किन पहाड़ों पर किस तरह एक-एक क्षण काट […]
आज का चिंतन-01/07/2013
इंसानियत अपनाएं वरना बहा ले जाएंगी नदियाँ डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com इतना विराट महाप्रलय…. लाशों का अंबार….भूख और प्यास के मारे दम तोड़ती जिन्दगियाँ….नदियों का रौद्र रूप….कहीं वीरानी, सन्नाटा और कहीं चीख-चीत्कार….घोड़ों और खच्चरों की मौत…बस्तियां बह गई और आदमी बेघर हो गए, उजड़ गए परिवार, कुटुम्बी खो गए और भगवान भोलेनाथ केदार रह गए अकेले… जैसे […]