(व्यभिचारी एवं चरित्रहीन व्यक्ति नष्ट हो जाता है।) आज समाज में अश्लीलता को आधुनिकता के नाम पर परोसा जा रहा है। इसे एक प्रकार से बौद्धिक आतंकवाद भी कहा जा सकता ह। युवावस्था के अपरिपक्व मस्तिष्क को अफीम के समान व्यभिचार कि लत के लिए प्रेरित कर उसे भोगवाद के अंधे कुएँ में धकेल दिया […]
युवाओं को क्या संदेश देता है वैलेंटाइन डे