एक बात सुन लीजिए और मान भी लीजिए ! भारत की मीडियम क्लास और लोअर मीडियम क्लास के हितों को अब कोई भी नकार नहीं सकता ! सरकार कोई भी रहे , मध्यम वर्ग से आई युवा पीढ़ी के हितों और सपनों को कोई नजरंदाज नहीं किया जा सकता ! दुनिया की सबसे बड़ी युवा […]
बहुत से लेख हमको ऐसे प्राप्त होते हैं जिनके लेखक का नाम परिचय लेख के साथ नहीं होता है, ऐसे लेखों को ब्यूरो के नाम से प्रकाशित किया जाता है। यदि आपका लेख हमारी वैबसाइट पर आपने नाम के बिना प्रकाशित किया गया है तो आप हमे लेख पर कमेंट के माध्यम से सूचित कर लेख में अपना नाम लिखवा सकते हैं।
एक बात सुन लीजिए और मान भी लीजिए ! भारत की मीडियम क्लास और लोअर मीडियम क्लास के हितों को अब कोई भी नकार नहीं सकता ! सरकार कोई भी रहे , मध्यम वर्ग से आई युवा पीढ़ी के हितों और सपनों को कोई नजरंदाज नहीं किया जा सकता ! दुनिया की सबसे बड़ी युवा […]
भाग- 3 डॉ डी के गर्ग विशेष : कृपया अपने विचार बताये और अन्य ग्रुप में शेयर करे। प्रहलाद-कथा का सत्य : प्रहलाद का पिता, हिरण्यकश्यप अपने समय का बड़ा प्रतापी सम्राट था, जिसका प्रभुत्व सारे भूमण्डल पर व्याप्त था। राज्य में उसका आतंक इतना प्रबल था कि हिरण्यकश्यप को यह विश्वास हो गया कि […]
सीमा मेहता पोथिंग, उत्तराखंड दो दशक पूर्व ‘अ रोड टू एवरी विलेज’ की संकल्पना के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरआत की गई थी. कई अर्थों में इस योजना को क्रांतिकारी कहा जा सकता है, क्योंकि इसने सदियों से उपेक्षित पड़े गांवों को शहरों से जोड़ने का काम किया है. आज़ादी के बाद यह […]
1999 में प्रकाशित 900 पेज के उपन्यास ‘पहला गिरमिटिया’ में लेखक गिरिराज किशोर ने लिखा था- ‘महात्मा गाँधी के जीवन के तीन पक्ष हैं-एक मोहनिया पक्ष, दूसरा मोहनदास पक्ष और तीसरा महात्मा गाँधी पक्ष।’ यह उपन्यास गाँधी के दक्षिण अफ्रीकी जीवन केंद्रित मोहनदास पक्ष पर था। उन्होंने लिखा-आने वाली पीढ़ी को मोहनदास की ज्यादा जरूरत […]
1947 से पहले की घटना है। अंग्रेजों ने अपने राज को स्थाई बनाने के लिए ईसाई पादरियों को खुले आम सहायता देना आरम्भ किया था। ईसाइयों के इस दुष्चक्र का आर्यसमाज के प्रचारकों ने प्रति उत्तर देना आरम्भ कर दिया। ईसाई मिशनरियों को ऐसे प्रतिरोध की कोई अपेक्षा नहीं थी। इसलिए वे आर्य प्रचारकों से […]
मैंने अपने शहर को इतना विह्वल कभी नहीं देखा! तीन से चार लाख लोग सड़क किनारे हाथ जोड़े खड़े हैं। अयोध्या में प्रभु की मूर्ति बनाने के लिए नेपाल से शालिग्राम पत्थर जा रहा है, और आज वह ट्रक गोपालगंज से गुजर रहा है। कोई प्रचार नहीं, कोई बुलाहट नहीं, पर सारे लोग निकल आये […]
डॉ डी के गर्ग विशेष : कृपया अपने विचार बताये और अन्य ग्रुप में शेयर करे। होली सृष्टि के प्रारम्भ होने के साथ ही शुरू हो चुका था क्योंकि इसका मूल कारण कोई व्यक्ति विशेष या घटना विशेष नहीं है, इसका मूल कारण है नई फसल का आगमन और उस फसल के स्वागत के लिए […]
कल्पना कुमारी मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार वर्ष 2023-24 के बजट में में शिक्षा के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 8 हज़ार करोड़ रूपए अधिक आवंटित किये गए हैं. हालांकि समग्र शिक्षा के बजट में मात्र 0.19 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. इस वर्ष के बजट में सबसे ख़ास बात राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की […]
कर्म के नियम* मेरी पत्नी बहुत कुरूप है। क्या करूं? गजब के प्रश्न पूछते हो। अब मैं कोई प्लास्टिक सर्जन थोड़े हूं। अगर पत्नी कुरूप है, तो ध्यान करो पत्नी पर—लाभ होगा। सुंदर स्त्री खतरे में ले जाए; कुरूप न कभी खतरे में नहीं ले जाए। इस मौके को चूको मत सुकरात से किसी ने […]
डॉ डी के गर्ग विशेष वैज्ञानिकों का कहना है कि हमें अपने पूर्वजों का शुक्रगुजार होना चाहिए कि उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टि से समय समय पर ऋतू अनुसार पर्व निर्धारित किये ताकि स्वास्थ रक्षा के अतिरिक्त सामाजिक एकता और मनोरंजन भी उपलब्ध हो। होली के त्यौहार की तो मस्ती इतनी अधिक होती है कि लोग इसके […]