** Dr D K Garg वेद में नदी नाले के नाम ,और कोई इतिहास नहीं है ,वेद तो अपौरुषेय हैं। आर एस एस से जुड़े एक पूर्व सांसद का कहा है कि ऋग्वेद के एक राजा सुदास का राज्य सरस्वती नदी के तट पर था। तो क्या वेदों की रचना राजा सुदास के बाद हुई […]
बहुत से लेख हमको ऐसे प्राप्त होते हैं जिनके लेखक का नाम परिचय लेख के साथ नहीं होता है, ऐसे लेखों को ब्यूरो के नाम से प्रकाशित किया जाता है। यदि आपका लेख हमारी वैबसाइट पर आपने नाम के बिना प्रकाशित किया गया है तो आप हमे लेख पर कमेंट के माध्यम से सूचित कर लेख में अपना नाम लिखवा सकते हैं।
** Dr D K Garg वेद में नदी नाले के नाम ,और कोई इतिहास नहीं है ,वेद तो अपौरुषेय हैं। आर एस एस से जुड़े एक पूर्व सांसद का कहा है कि ऋग्वेद के एक राजा सुदास का राज्य सरस्वती नदी के तट पर था। तो क्या वेदों की रचना राजा सुदास के बाद हुई […]
सैयद अनीस उल हक पुंछ, जम्मू जब भी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की बात आती है तो लोगों के दिल और दिमाग में एकमात्र नाम कश्मीर की वादियों का आता है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि कश्मीर को कुदरत ने अपने हाथों से संवारा है. लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम है कि […]
प्रो. संजय द्विवेदी वे सही मायनों में भारतबोध के प्रखर प्रवक्ता थे। भारतीय राजनीति में उनके आगमन ने एक नया विमर्श खड़ा कर दिया और वैकल्पिक राजनीति को मजबूत आधार प्रदान किया। आज भरोसा करना कठिन है कि श्री दीनदयाल उपाध्याय जैसे साधारण कद-काठी और सामान्य से दिखने वाले मनुष्य ने भारतीय राजनीति और समाज […]
हमें पूरा विश्वास है कि लेख का यह शीर्षक पढ़ते ही प्रबुद्ध पाठकों के मन में कई शंकाएं उत्पन्न हो जाएंगी , कोई इस बात को असंभव और झूठ मानेगा , कोई इस बात को केवल मजाक समझ कर हंसी में उड़ा देगा , लेकिन इस बात को साबित करने के लिए हमें कुछ ऐसे […]
निर्मला – विनायक फीचर्स आजादी की लड़ाई में अनेक महिलाओं ने पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया और आजादी के बाद भी महिलाओं का राजनीति में उल्लेखनीय योगदान रहा। राजनीति में महिलाओं का प्रवेश एक अ’छी बात है। लेकिन, तब के और आज के राजनीतिक माहौल में जमीन-आसमान का फर्क है। आज […]
-विष्णुदत्त शर्मा – विनायक फीचर्स अखिल विश्व में स्वयं के अहिंसावादी मूल्यों के लिए विख्यात महात्मा गांधी आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने वह अपने जीवनकाल में थे। दो अक्टूबर को बापू की 154वीं जयंती के अवसर पर भारत ही नहीं अपितु विश्व के अनेक देश मानवता और मानवीय मूल्यों के लिए आजीवन संघर्ष […]
संतोष पाठक भारत जैसे विश्वसनीय और भरोसेमंद देश के साथ इस तरह की हरकत कर अमेरिका ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि वह कभी भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक भरोसेमंद देश नहीं बन सकता है और इसलिए भारत को उससे हमेशा ही सतर्क रहना पड़ेगा। कुख्यात आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर […]
तनुजा भंडारी गरुड़, उत्तराखंड आज़ादी के 75 साल में देश में बहुत कुछ बदलाव आ चुका है. कृषि से लेकर तकनीक तक के मामले में हम न केवल आत्मनिर्भर बन चुके हैं बल्कि दुनिया का मार्गदर्शन भी करने लगे हैं. इतने वर्षों में यदि कुछ नहीं बदला है तो वह है महिलाओं के खिलाफ हिंसा. […]
बीकानेर, राजस्थान कितनी विडंबना है कि आजादी के 75 साल बाद भी देश की एक बड़ी आबादी खुले में शौच के लिए मजबूर है. 2011 की जनगणना के अनुसार देश के 53.1 प्रतिशत घरों में शौचालय नहीं था. जिसकी वजह से महिलाओं और लड़कियों को सबसे ज्यादा मुसीबतों का सामना करना पड़ता है. खुले में […]
एक फैसले ने बदल दी थी जम्मू-कश्मीर की तस्वीर अनन्या मिश्रा जम्मू और कश्मीर रियासत के आखिरी शासक राजा हरि सिंह भारत के इतिहास में एक अद्वितीय स्थान रखते हैं। उन्होंने अपने शासनकाल में अहम राजनीतिक उथल-पुथल देखी थी। जिसके कारण रियासत का नए स्वतंत्र भारत में एकीकरण हुआ था। राजा हरि सिंह महान शिक्षाविद् […]