|| आचार्य कौटिल्य ने राष्ट्र की अंदरूनी व्यवस्था के लिए आंतरिक गुप्तचर व्यवस्था को बहुत जरूरी बताया है| आचार्य कौटिल्य की मान्यता यह है कि किसी राष्ट्र को शत्रु देश के साथ-साथ उस देश की आंतरिक नागरिक वर्ग से भी खतरा होता है…| ऐसे नागरिकों को उन्होंने राष्ट्र कंटक से उच्चारित किया है.. जो राष्ट्र […]