हमारा क्रोध होता था सात्विक हमें यह भी समझना चाहिए कि हमारे क्षत्रिय लोग अज्ञानी या अशिक्षित नहीं होते थे। वेदादि शास्त्रें का पढ़ना तथा पढ़ाना और विषयों में न फंस कर जितेन्द्रिय रह के सदा शरीर और आत्मा से बलवान् रहना उनके स्वभाव में सम्मिलित था । यही उनका धर्म था। अपने धर्म के […]