राजा के मंत्री और दूत कैसे हों? संसार के जिन- जिन देशों में आज तानाशाही है या अबसे पूर्व में तानाशाही रही है, वहां के शासकों की एक प्रवृत्ति देखी गई है कि वे अपने बौद्धिक बल पर ही अधिक विश्वास रखते हैं। जैसे चाहें जो चाहें – उसे पूरा करना उनकी प्रवृत्ति में सम्मिलित […]