अब अपने गुरु विश्वामित्र जी के साथ चलते हुए रामचंद्र जी अपने भाई लक्ष्मण के साथ जनकपुरी पहुंच गए। यहां पर गुरुवर विश्वामित्र जी को पता चला कि राजा जनक अपनी पुत्री सीता के विवाह को लेकर चिंतित हैं। उन्हें इस घटना की भी जानकारी हुई कि किस प्रकार सीता जी ने शिव जी के […]