जब देश की आजादी का आंदोलन चल रहा था तो अक्सर राजाओं के बारे में यह प्रश्न हमारे मन मस्तिष्क में आता रहता है कि उस समय देशी राजाओं की स्थिति क्या थी ? वे देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग ले रहे थे या कहीं कुछ और कर रहे थे ? आज इसी तथ्य […]
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
जब देश की आजादी का आंदोलन चल रहा था तो अक्सर राजाओं के बारे में यह प्रश्न हमारे मन मस्तिष्क में आता रहता है कि उस समय देशी राजाओं की स्थिति क्या थी ? वे देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग ले रहे थे या कहीं कुछ और कर रहे थे ? आज इसी तथ्य […]
बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ है, वह भारत के लिए बहुत खतरनाक संकेत दे रहा है । घटनाक्रम के बाद कई चीजें स्पष्ट हो गई हैं। जो कुछ अभी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है, वह भी स्पष्ट हो जाएगा। कई लोगों को अब यह बात समझ में आ गई है कि तख्तापलट के […]
अभी तक वानर दल का कोई भी सेनापति या योद्धा लंकाधिपति रावण के बल की थाह नहीं कर पाया था। जिस रावण की उपस्थिति में हनुमान जी ने लंका में आग लगा दी थी , आज उसी रावण को उनका वानर दल टस से मस नहीं कर पा रहा था। इससे हनुमान जी स्वयं भी […]
रावण अपनी मूर्खता और अहंकार के कारण दिन प्रतिदिन अपने अनेक साथियों को खोता जा रहा था। उसके अनेक वीर योद्धा स्वर्ग सिधार चुके थे। यद्यपि ऊपरी तौर पर वह अभी भी घमंड के वशीभूत होकर पराजित होने का नाम नहीं ले रहा था। पर भीतर ही भीतर वह टूट चुका था। उसे अपने कर्मों […]
============= मानव सन्तान को शिक्षित करने के लिए एक पाठशाला या विद्यालय की आवश्यकता होती है। बच्चा घर पर रह कर मातृ भाषा तो सीख जाता है परन्तु उस भाषा, उसकी लिपि व आगे विस्तृत ज्ञान के लिए उसे किसी पाठशाला, गुरूकुल या विद्यालय मे जाकर अध्ययन करना होता है। केवल भाषा से ही काम […]
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और लक्ष्मण जी के स्वस्थ होने से वानर दल में खुशी की लहर दौड़ गई। अब उन्हें यह विश्वास हो गया कि अगले दिन होने वाले युद्ध में उनकी विजय निश्चित है। रावण के गुप्तचरों ने उसे जाकर बता दिया कि राम और लक्ष्मण दोनों भाई स्वस्थ हो गए हैं और […]
वाल्मीकि कृत रामायण से हमें पता चलता है कि मेघनाद ने अगले दिन क्रोध में भरकर सर्प के समान भीषण बाणों से राम और लक्ष्मण को युद्ध में बींध डाला । कपटी योद्धा इंद्रजित ने चालाकी से अपने आप को सभी सैनिकों की दृष्टि से ओझल रखते हुए राम और लक्ष्मण को शरबंध से बांध […]
बाली पुत्र अंगद बहुत ही वीर थे । रामायण में उनकी वीरता को कवि ने बड़े ही प्रशंसनीय शब्दों में प्रस्तुत किया है। उनकी वीरता का लोहा स्वयं रावण ने की माना था। रावण ने उन्हें धर्म के पक्ष से मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के पक्ष से हटाकर अधर्म के साथ अर्थात अपने साथ जोड़ने […]
राम ने सुवेल पर्वत पर चढ़कर लंका का निरीक्षण करने का निर्णय लिया। यहां से उन्हें लंका की सुंदरता बड़ी मनोहारी लग रही है। उनके मन में कई प्रकार के विचार आ रहे थे। वह सोच रहे थे कि रावण की मूर्खता के कारण इतनी सुंदर रमणीक नगरी और साथ-साथ यह देश आने वाले भयंकर […]
माल्यवान रावण का नाना था। वह बहुत बुद्धिमान था । माल्यवान जानते थे कि रावण ने जो कुछ भी किया है ,रामचंद्र जी उसका दंड उसे अवश्य देंगे। वह यह भी जानते थे कि यदि उस दंड को अकेला रावण भोग ले तो कोई बात नहीं। पर इस समय रावण के साथ-साथ उसके राज्य की […]