ओ३म् =========== हमारा देश महाभारत युद्ध के बाद अज्ञान, अन्धविश्वास, पाखण्ड, कुरीतियों वा मिथ्या परम्पराओं सहित अनेकानेक आडम्बरों से भर गया था जिसका परिणाम देश में छोटे-छोटे राज्यों के निर्माण सहित देश की पराधीनता के रूप में सामने आया। अज्ञान व अन्धविश्वासों के कारण ही देश में चेतन ईश्वर का तिरस्कार कर जड़ मूर्ति-पूजा का […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
क्या गांधी जी सचमुच महात्मा थे ?
मेरी कल की पोस्ट पर कुछ लोगों ने ऐसी आपत्तियां की हैं जिनसे लगता है कि उन्हें गांधीजी के बारे में सच का पता नहीं था । इस विषय में उन्हें कुछ और अधिक जानकारी गांधीजी के विषय में लेनी चाहिए । गांधी जी अपने लिए स्वयं कहते थे कि मैं महात्मा नहीं हूं और […]
ग्रेटर नोएडा । अभी हाल ही में योगी सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसले के चलते जिले के पहले पुलिस कमिश्नर श्री आलोक सिंह ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। श्री आलोक सिंह प्रारंभ से ही साफ-सुथरी छवि के अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं। यही कारण रहा कि उन्हें प्रदेश के इस सबसे महत्वपूर्ण […]
वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के कुद्स फोर्स के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या की नई वजह बताई है। रिपब्लिकन पार्टी को दान देनेवालों के एक समूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के टॉप जनरल हमले से पहले ‘देश (अमेरिका) के बारे में बड़ी खराब बातें कर रहे थे।’ इसी […]
(1) *ब्रह्मयज्ञ* :- ब्रह्म यज्ञ संध्या ,उपासना को कहते है। प्रात: सूर्योदय से पूर्व तथा सायं सूर्यास्त के बाद जब आकाश में लालिमा होती है, तब एकांत स्थान में बैठ कर ओम् वा गायत्री आदि वेद मंत्रों से ईश्वर की महिमा का गुणगान करना ही ब्रह्मयज्ञ कहलाता है। (2) *देवयज्ञ* :- अग्निहोत्र अर्थात हवन को […]
विजय मनोहर तिवारी जो दिखता है, वो बिकता है। दिखाऊ माल ही बिकाऊ माल है। शाहीनबाग दिख रहा है। शाहीनबाग बिक रहा है। एक महीना हो गया। शो हाऊसफुल है। एक समीक्षा में किसी परम ज्ञानी ने शाहीन का मतलब लिखा- “एक ऐसी चिड़िया जो बहुत ऊँचाई पर उड़ती है और अपने शिकार को उड़ते […]
1947 के बाद कांग्रेस ने किस प्रकार के भारत का निर्माण करना आरंभ किया ? यह आज के परिप्रेक्ष्य में बहुत ही प्रासंगिक प्रश्न है । वास्तव में कांग्रेस का चिंतन वैदिक भारत की ओर कभी गया ही नहीं । उसने मुगलों व तुर्को से पिछले इतिहास को भुलाने का प्रयास किया और पश्चिमी विचारकों […]
गणतंत्र के सात दशक
परिवर्तन का जोश भरा था, कुर्बानी के तेवर में। सब कुछ हमने लुटा दिया था, आजादी के जवर में।। हम खुशनसीब हैं कि इस वर्ष 26 जनवरी को 71वाँ गणतन्त्र दिवस मना रहे हैं। 15 अगस्त सन् 1947 को पायी हुई आजादी कानूनी रूप से इसी दिन पूर्णता को प्राप्त हुई थी। अपना राष्ट्रगान, अपनी […]
ओ३म् ========== मनुष्य को उपासना की आवश्यकता क्यों है? इसके अनेक कारण हैं। मुख्य कारण तो उपासना से हमें उपास्य ईश्वर के सद्गुणों का ज्ञान होने सहित ईश्वर से अपनी जीवन यात्रा को सुगम रीति से चलाने में मार्गदर्शन भी प्राप्त होता है। ईश्वर उपासक निर्धन व दरिद्र नहीं होता। ईश्वर की उपासना से उपासक […]
ओ३म् ========== परमात्मा ने हमें मानव शरीर और इसमें पांच ज्ञानेन्द्रियां एवं पांच कर्मेन्द्रियां दी हैं। हमारे नेत्र हमारी ज्ञानेन्द्रिय है जो हमें स्थूल दृश्यों का दर्शन कराती हैं। अपने नेत्रों से हम स्वयं को व दूसरे मनुष्यो, अन्य प्राणियों एवं पृथिवी, वृक्ष, सूर्य, चन्द्र, जल आदि पदार्थों को देखते हैं। वेद से हमें ज्ञात […]