——————— – भावेश मेरजा आर्य समाज के प्रवर्तक स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने धर्म शब्द को अनूठे ढंग से व्याख्यायित किया है। उन्होंने धर्म शब्द की ऐसी व्याख्या की है कि जिसमें ज्ञान के साथ साथ आचरण को भी अर्थात् सत्य के अनुसंधान एवं सत्याचरण दोनों को समुचित स्थान दिया है। सर मोनियर विलियम्स प्राच्य […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
आर्य-जीवन लेखक- पं० राजाराम प्रोफेसर प्रस्तुति- प्रियांशु सेठ नाम नाम्ना जोहवीति पुरा सूर्यात् पुरोषस:। यदज: प्रथमं संबभृव स ह तत् स्वराज्य मियाय यस्मान्नन्यत् परमस्ति भृतम्।। -अथर्व० १०/७/३१ सूर्य से पहले और उषा से पहले नाम नाम से उसे बार-बार पुकारे, जो अजन्मा है, (अतएव इस जगत् से) पहले प्रकट है, वह निःसन्देह जगत् प्रसिद्ध स्वराज्य […]
अब इस पर विचार करते हैं कि जीवात्मा जो हमारे शरीर के अंदर रहती है उसका कर्तत्व क्या है? इस बिंदु पर विचार करने के लिए सबसे पहले यह जानना आवश्यक है कि ईश्वर , जीव और प्रकृति तीनों की स्वतंत्र सत्ता होती है। यह हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है कि हमारे ऋषियों , […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार कोरोना वायरस से असम अभी तक काफ़ी हद तक बचा हुआ था लेकिन तबलीगी जमात वालों के कारण अब उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी स्थिति बिगड़ रही है। असम के मंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने इस सम्बन्ध में जानकारी दी है। केंद्र सरकार द्वारा दी गई सूचनाओं और राज्य सरकार के डेटा का […]
इदन्नमम् की सार्थक जीवन शैली ही विश्वशांति और विश्व कल्याण की एकमात्र कसौटी है। अभी तक हमने इसी विषय पर पूर्व में भी कई बार अपने विचार स्पष्ट किये हैं। अब इस अध्याय में पुन: कुछ थोड़ा विस्तार से अपने विचार इस विषय पर रखे जा रहे हैं। भर्तृहरि जी संसार में तीन प्रकार के […]
कोरोना विषाणु के कारण अभी तक विश्व स्तर पर 64 हजार से भी अधिक लोगों की मृत्यु, तो 12 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हुए हैं । भारत में यह महामारी न फैले; इसके लिए सरकार ने ‘जनता कर्फ्यू’, जमाबंदी, ‘लॉकडाऊन’, संचारबंदी आदि विविध उपाय कर देशभर के सभी धार्मिक स्थल भी बंद किए […]
घर वापसी को रोकने के लिए बनी थी तब लीग
-आर्यवीर पिछले दो सप्ताह के कुछ समाचारों को क्रमबद्ध रूप से पढ़िए। निजामुद्दीन दिल्ली में तब्लीग जमात के कार्यक्रम में हज़ारों लोगों का देश और विदेश से एकत्र होना। उनमें से कई सौ का कोरोना वायरस से पीड़ित होना। उन पीड़ितों का सारे देश में फैल जाना। उनमें से अनेकों की कोरोना से मौत हो […]
इस युद्ध से प्राचीन आर्य लोगों का वैभव सदा के लिए अस्त हो गया। ———————— [भूमिका : 31 जुलाई 1875 को पूना में इतिहास विषय पर दिए गए अपने भाषण में महर्षि दयानन्द जी ने महाभारत के समय की महत्त्वपूर्ण धटनाओं का उल्लेख करते हुए निम्नलिखित बातें अपने श्रोताओं को सुनाई थीं। स्रोत : उपदेश-मंजरी […]
तबलीग , शुद्धि और इतिहास
आज हम तबलीग पर अंगुली उठा रहे हैं। परंतु आत्मावलोकन नहीं करते। तबलीग का काम पिछले 100 सालों से चल रहा है परंतु शुद्धि के नायक स्वामी श्रद्धानंद को भुला दिया गया। यदि हमने शुद्धि आन्दोलन को जारी रखा होता तो तबलीग का प्रभाव इतना अधिक नहीं होता। श्री एम0 मुजीब ने अपनी पुस्तक ‘दी […]
ओ३म् ========== वेदों में ईश्वर ने संसार के सभी मनुष्यों को यज्ञ करने की प्रेरणा की है। यज्ञ से रोगों व विषैले किटाणुओं का नाश होता है इसकी प्रेरणा भी ईश्वर ने की है। यज्ञ में आम्र की तथा कुछ अन्य वृक्षों की समिधाओं वा काष्ठों को जलाकर उसमें वेदमन्त्रों की जीवनोपयोगी प्रार्थनाओं को बोलकर […]