‘महाभारत’ नाम का ग्रंथ हमें इतिहास संबंधी जानकारी देने वाला ग्रंथ तो है ही , साथ ही वह जीवन को आध्यात्मिक , नैतिक , राजनैतिक और सामाजिक मूल्यों से भरने वाला ग्रंथ भी है। इस ग्रंथ के अध्ययन से हमें अपने वर्तमान के अनेकों स्थानों , नगरों ,कस्बों के प्राचीन नामों की जानकारी होती है […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
पिछले अध्याय में हमने स्पष्ट किया था कि भारतवर्ष में शासन करने वाले कुषाण वंशी शासकों के पूर्वज मूल रूप में भारतीय आर्यों की ही क्षत्रिय शाखा के लोग थे। जो देश , काल व परिस्थिति के अनुसार मध्य एशिया से चलकर भारत पहुंचे । जिन्हें यहाँ के क्षत्रिय समाज के लोगों ने अपने साथ […]
क्या है दान का महत्व ?
तैत्तिरीयोपनिषद में महर्षि ने स्नातकों के दीक्षांत समारोह के अवसर पर बतायी जाने वाली कुछ ऐसी बातों का उल्लेख किया है जिनसे हमारा जीवन व्यवहार सुधर सकता है और साथ-साथ ही संसार में प्रेमपथ का विस्तार हो सकता है। वह स्नातक से कहते हैं :- श्रद्घया देयम्। अश्रद्वया देयम्। श्रियादेयम। हिृया देयम्। भियादेयम्। संविदा देयम्। […]
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है । पिछले दिनों से चला रहा लॉक डाउन आगामी 15 अप्रैल को खोलने के संकेत प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने दिए हैं । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर घोषित किया गया लॉकडाउन […]
ओ३म्==============परमात्मा ने 1.96 अरब वर्ष पूर्व इस संसार को बनाया था और तब से इसे चला रहा है। वह कभी सोता व आराम नहीं करता। यदि करता होता तो बहुत पहले इस संसार की प्रलय हो जाती। वह यह सब त्याग व पुरुषार्थ स्वाभाविक रूप से संसार के प्राणियों के लिये करता है। परोपकार का […]
ओ३म्===========मनुष्य को मनुष्य मननशील होने के कारण से कहते हैं। मनन का अर्थ है सत्य व असत्य का विचार करने वाला दो पैरों वाला प्राणी। जो मनुष्य शिक्षित नहीं है, ज्ञानी नहीं है, जिसने वेद, उपनिषद, दर्शन, रामायण एवं महाभारत सहित सत्यार्थप्रकाश, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका, संस्कारविधि, आर्याभिविनय आदि ग्रन्थों को नहीं पढ़ा है, वह मनुष्य कुछ-कुछ सभ्य […]
ओ३म्==========देश इस समय अभूतपूर्व कठिन दौर से गुजर रहा है। देश में कोरोना महामारी का आतंक छाया हुआ है जिससे देश की शासन व्यवस्था तथा हमारे चिकित्सा से जुड़े चिकित्सक व नर्सों सहित हमारी पुलिस एवं अनेक लोग संघर्ष कर रहे हैं। सारा देश प्रधानमंत्री व शासन का साथ दे रहा है। कुछ भ्रमित लोग […]
ओ३म्============मनुष्य अल्पज्ञ प्राणी है। सभी लोग प्रायः सरकारी व निजी स्कूलों-कालेजों में पढ़ते हैं। भारत एक सेकुलर देश है। यहां मनुष्यों के शाश्वत व सनातन धर्म विषयक सत्य बातों की भी उपेक्षा की जाती है। उसे स्कूलों में पढ़ाया व बताया नहीं जाता जिसका परिणाम यह हुआ है कि अधिकांश हिन्दू बन्धु धर्म विषयक ज्ञान […]
सुबुद्धपाठक वृंद ! मैंने अपने पिछले लेख में लिखा था कि मनुष्य ब्रह्म और काया को देख नहीं पाता। आज इससे आगे की चर्चा करता हूँ कि क्यों नहीं विमोचन या देख पाता ? हमें ध्यान रखना चाहिए कि शरीर में छिपे हुए चेतन एवं विभु दिखाई नहीं देते। लेकिन चेतन चेतना करता रहता है […]
हमारे देश ने अपनी स्वाधीनता की प्राप्ति के लिए और अपने वैदिक धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए अनेकों बलिदान दिए हैं । सचमुच यहां के बलिदान विश्व इतिहास में बेजोड़ हैं । ऐसी – ऐसी घटनाएं घटित हुई हैं कि पढ़कर वसुनकर रोमांच हो जाता है। साथ ही अपने बलिदानी वीर पूर्वजों के […]