कविता —- 44 मेरे पूज्य पिता की दिव्य आत्मा ….. मेरे बापू ! तुम कहां गए अपने जाने का दुःख देकर, खोजती हैं नजरें मेरी, नित्य नाम तुम्हारा ले – लेकर। ना ऐसा दिन कोई आता जब याद तुम्हारी ना आती हो, मेरे उत्सव के संसार में आ, जब वो ना सेंध लगाती हो।। आपके […]
मेरे पूज्य पिता की दिव्य आत्मा …..