माधव समझाने लगे, अर्जुन को रण बीच। आत्मा अविनाशी अमर सीख सके तो सीख।। अविनाशी तलवार से कभी न काटा जाय । पानी से ना गल सके, आग से ना जल पाय।। अविनाशी के मारने की जो कहते बात। अज्ञानी वे हैं निरे ना समझें गहरी बात।। मर नहीं सकता आत्मा और न मारा जाय […]