वीरेश्वर तोमर स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत की सामाजिक संरचना में विभिन्न कारकों का वर्चस्व रहा। समाज के कुछ विशेष वर्ग, वर्षों से शोषण परक सत्ता के कुकृत्यों से दबे हुए थे। संविधान निर्माताओं द्वारा एक समतामूलक समाज की प्राप्ति हेतु इस वर्ग के उत्थान हेतु दोहरे उपबंध करना आवश्यक प्रतीत हुआ- भेदभाव को समाप्त […]
Author: अमन आर्य
निरंकार सिंह महात्मा गांधी ने ऐसी हिंसक पंचायती राज व्यवस्था की कल्पना नहीं की थी जैसी कि आज उत्तर भारत के कई राज्यों में दिखाई दे रही है। हमने ग्रामसभाओं को जिस तरह की राजनीति का अखाड़ा बना दिया है उससे ग्रामीण समाज की समरसता और एकता नष्ट हो गई है। उत्तर प्रदेश के नब्बे […]
अंग्रेजी माध्यम पर प्रतिबंध लगे
डॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत में शिक्षा के अध:पतन की आज एक नई खबर आई है। एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार देश में अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में प्रवेश करनेवाले छात्रों की संख्या दुगुनी हो गई है जबकि हिंदी माध्यम की पाठशालाओं में भर्ती सिर्फ एक-चाथाई बढ़ी है। याने अंग्रेजी माध्यम हिंदी माध्यम के मुकाबले चार […]
नरेन्द्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी और भाजपा
पीके खुराना मोदी सचमुच बहुत अच्छे इवेंट मैनेजर हैं और उन्होंने जनता से जुडऩे के हर माध्यम और हर मंच का बेहतरीन उपयोग किया है। तकनीक का प्रयोग भी उन्होंने बेहतरीन तरीके से किया है और प्रचार के किसी अवसर को वे हाथ से जाने नहीं देते। हाल के अमरीका दौरे में उन्होंने न केवल […]
उच्च शिक्षा की होड़ से पहले
चंदन श्रीवास्तव उच्च शिक्षा-संस्थानों में कौन कितना बेहतर है, यह निर्धारित करने के लिए सरकार ने एक देसी फ्रेमवर्क बनाया है. संस्थानों को उनकी श्रेष्ठता के क्रम में ऊपर से नीचे सजाने की तरकीब आकर्षक लग सकती है और जरूरी भी. जो अभिभावक अपने होनहारों की उच्च शिक्षा पर बरसों की जमा रकम खर्च करने […]
वामपंथ के लिए चिंतन का सही समय
मनमोहन सिंह अगर वोटों के हिसाब से देखें तो वामपंथी विचारधारा पिछड़ती नजर आ रही है। सोवियत संघ के टूटने के बाद पूर्वी यूरोप के देशों ने जिस तरह इस विचारधारा को दरकिनार किया, उसने पूरी दुनिया के साम्यवादी आंदोलन को कठघरे में ला खड़ा किया है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। चौंतीस साल […]
डा. भरत झुनझुनवाला कृषि उत्पादों के मूल्य पिछडऩे के कारण खेती घाटे का सौदा होती जा रही है। फलस्वरूप किसान ऋण लेने को मजबूर होता जा रहा है। ऋण लेने के बाद वे ब्याज और बीमा के प्रीमियम भी अदा करते हैं। उनकी आय पहले ही कम थी। अब उसमें एक हिस्सा सरकारी बैंकों तथा […]
अवधेश कुमार नेपाल हिंसा में झुलस रहा है। भारत से लगे मधेस इलाकों में आंदोलन के हिंसक होने के बाद लागू कफ्र्यू तक से अंतर नहीं आया। लोगों की जानें जा रही हैं, लेकिन उनका सडक़ों पर आना रुका नहीं है। उनकी नाकेबंदी के चलते भारत से सामान की आपूर्ति बाधित हो रही है। विचित्र […]
29 सितंबर को गूगल ने एक बड़ा इवैंट जारी किया। यह इवेंट सैनफ्रांसिस्को में आयोजित हुआ। इस इवेंट में गूगल के नये Nexus समार्टफोंस पर से पर्दा हटा जो LG और Huawei (LG Nexus 5X और Huawei Nexus 6P) के द्वारा निर्मित है। इसके अलावा एंड्रायड 6.0 मार्शमैलो निम्न डिवाइसेज पर 5 अक्टूबर को रिलीज […]
पीयूष द्विवेदी विगत दिनों प्रधानमंत्री मोदी अपने अमेरिका दौरे के दौरान सोशल साईट फेसबुक के मुख्यालय पहुंचकर फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से मुलाकात किए। इस मुलाकात के बाद फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग और पीएम मोदी ने डिजिटल इण्डिया के समर्थन में अपना प्रोफाइल चित्र तिरंगे के रंग में कर दिया जिसके बाद तो फेसबुक […]