हिंदू धर्म छोड़ने के 21 वर्ष पश्चात ही क्यों बने थे बौद्ध डॉक्टर अंबेडकर

images (36)

 

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने 1935 में हिंदू धर्म छोड़ दिया था. लेकिन 21 साल बाद उन्होंने क्यों बौद्ध धर्म को अपनाया. आखिर उन्हें ये फैसला करने में इतने साल कैसे लग गए.

 

बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने सन 1956 में 14 अक्तूबर को हिंदू धर्म त्याग कर बौद्ध धर्म अपनाया था

भवेश सक्सेना

अंबेडकर हिंदू धर्म (Hinduism) छोड़कर बौद्ध क्यों बने? ये सवाल अब भी अक्सर चर्चाओं में रहता है. दरअसल अंबेडकर कई सालों तक इस बारे में सोचते रहे. बौद्ध धर्म से वो बहुत पहले से ही प्रभावित होने लगे थे.  लेकिन फैसले तक पहुंचने में उन्होंने लंबा समय यानि कई साल लिए. फिर अपने 3.85 लाख समर्थकों के साथ हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया. हालांकि वो अपने भाषणों में इस बारे में बातें 20 साल पहले से करने लगे थे.

कहानी की शुरूआत राजनेता और समाज सुधारक डॉ. भीमराव आंबेडकर (Dr Bhim Rao Ambedkar) के 1935 के एक भाषण से होती है. देखें उस यादगार भाषण के ये अंश :

गांधी भी थे अंबेडकर की बातों से असहमत

ये भाषण इस कदर उकसाने वाला समझा गया कि पहली बार अंबेडकर को क्षेत्रीय नहीं बल्कि मुख्यधारा के नेता की हैसियत मिली. साथ ही कई नेता उनके विरोध में आ गए. देश की 20 फीसदी से ज़्यादा आबादी को भड़काने के आरोप अंबेडकर पर लगातार लगे लेकिन उन्होंने साफ कहा ‘जो शोषित हैं, उनके लिए धर्म को नियति का नहीं बल्कि चुनाव का विषय मानना चाहिए’. ये बातें जब महात्मा गांधी तक पहुंचीं तो उन्होंने इस बात से ऐतराज़ किया.

 

गांधी ने कहा था ‘धर्म न तो कोई मकान है और न ही कोई चोगा, जिसे उतारा या बदला जा सकता है. यह किसी भी व्यक्ति के साथ उसके शरीर से भी ज़्यादा जुड़ा हुआ है’. गांधी का विचार था कि समाज सुधार के रास्ते और सोच बदलने के रास्ते चुनना बेहतर था, धर्म परिवर्तन नहीं. लेकिन, अंबेडकर कट्टर जातिवादी हो चुके और पिछड़ों का हर तरह से शोषण कर रहे हिंदू धर्म से इस कदर आजिज़ आ चुके थे कि उनकी नज़र में समानता के लिए धर्म बदलना ही सही रास्ता था.

हिंदू धर्म छोड़ने और बौद्ध होने के बीच 20 साल

‘मैं हिंदू धर्म में पैदा ज़रूर हुआ, लेकिन हिंदू रहते हुए मरूंगा नहीं.’ 1935 में ही अंबेडकर ने इस वक्तव्य के साथ हिंदू धर्म छोड़ने की घोषणा कर दी थी. लेकिन, औपचारिक तौर पर कोई अन्य धर्म उस वक्त नहीं अपनाया था. अंबेडकर समझते थे कि यह सिर्फ उनके धर्मांतरण की नहीं बल्कि एक पूरे समाज की बात थी इसलिए उन्होंने सभी धर्मों के इतिहास को समझने और कई लेख लिखकर शोषित समाज को जाग्रत व आंदोलित करने का इरादा किया.

 

धीरे धीरे बनी अंबेडकर की बौद्ध थ्योरी

साल 1940 में अपने अध्ययन के आधार पर अंबेडकर ने द अनटचेबल्स में लिखा कि भारत में जिन्हें अछूत कहा जाता है, वो मूल रूप से बौद्ध धर्म के अनुयायी थे और ब्राह्मणों ने इसी कारण उनके साथ नफरत पाली. इस थ्योरी के बाद अंबेडकर ने 1944 में मद्रास में एक भाषण में कहा और साबित किया कि बौद्ध धर्म सबसे ज़्यादा वैज्ञानिक और तर्क आधारित धर्म है. कुल मिलाकर बौद्ध धर्म के प्रति अंबेडकर का झुकाव और विश्वास बढ़ता रहा. आज़ादी के बाद संविधान सभा के प्रमुख बनने के बाद बौद्ध धर्म से जुड़े चिह्न अंबेडकर ने ही चुने थे.

फिर हुआ ऐतिहासिक धर्म परिवर्तन

14 अक्टूबर 1956 को नागपुर स्थित दीक्षाभूमि में अंबेडकर ने विधिवत बौद्ध धर्म स्वीकार किया. इसी दिन महाराष्ट्र के चंद्रपुर में अंबेडकर ने सामूहिक धर्म परिवर्तन का एक कार्यक्रम भी किया और अपने अनुयायियों को 22 शपथ दिलवाईं जिनका सार ये था कि बौद्ध धर्म अपनाने के बाद किसी हिंदू देवी देवता और उनकी पूजा में विश्वास नहीं किया जाएगा. हिंदू धर्म के कर्मकांड नहीं होंगे और ब्राह्मणों से किसी किस्म की कोई पूजा अर्चना नहीं करवाई जाएगी. इसके अलावा समानता और नैतिकता को अपनाने संबंधी कसमें भी थीं.

 

धर्म परिवर्तन और उसके बाद

अंबेडकर के धर्म परिवर्तन को अस्ल में दलित बौद्ध आंदोलन के नाम से इतिहास में दर्ज किया गया, जिसके मुताबिक अंबेडकर के रास्ते पर लाखों लोग हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध बने थे. लेकिन, 6 दिसंबर 1956 को अंबेडकर की मृत्यु के बाद यह आंदोलन धीमा पड़ता चला गया. 2011 की जनगणना के मुताबिक देश में करीब 84 लाख बौद्ध हैं, जिनमें से करीब 60 लाख महाराष्ट्र में हैं और ये महाराष्ट्र की आबादी के 6 फीसदी हैं. जबकि देश की आबादी में बौद्धों की आबादी 1 फीसदी से भी कम है.

 

दलितों के समाज सुधार के लिए गांधी के ‘हरिजन’ आंदोलन पर कई दशकों से विराम लग चुका है लेकिन अंबेडकर के नाम पर आज भी देश में कई तरह के आंदोलन चल रहे हैं. ‘जय भीम’ नारा भी अंबेडकर के नाम पर ही गूंजता है. लेकिन अब भी सवाल और विमर्श यही है कि ‘हरिजन’ हों या ‘बौद्ध’, क्या देश में जातिवाद खत्म हुआ? क्या बौद्धों को हिंदू समाज समानता की नज़र से देख सका?

स्रोत : बी आर अंबेडकर एंड बुद्धिज़्म इन इंडिया (PDF) : ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, ट्राइसिकल.कॉम, सेंसस2011.को.इन

साभार

Comment:

betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti mobil giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
betgaranti güncel giriş
Kolaybet Giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
bettilt giriş
Betgaranti
betgaranti
betgaranti giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
Betgaranti Giriş
Kolaybet Giriş
betgaranti giriş
holiganbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
perabet giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
bettilt giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
bettilt giriş
betnano giriş
Kolaybet
kolaybet giriş
betnano giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betorder giriş
betorder giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betorder giriş
betorder giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
betgaranti international
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
kolaybet
kolaybet giriş
kolaybet güncel giriş
kolaybet
sahabet giriş
onwin giriş
kolaybet giriş
onwin giriş
kolaybet giriş
Kolaybet Giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet güncel giriş
sahabet güncel giriş
onwin güncel giriş
onwin güncel giriş
betpark
sahabet güncel giriş
sahabet güncel giriş
sahabet güncel giriş
sahabet güncel giriş
betpark
sahabet güncel giriş
sahabet güncel giriş