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संपादकीय

धर्म-अध्यात्म

दुष्ट व्यक्ति यदि विद्वान भी है तो भी उसका संग नहीं करना चाहिए

ओ३म् =========== वैदिक साहित्य में वेद से इतर ऋषियों व विद्वानों के अनेक ग्रन्थ उपलब्ध हैं जिनमें जीवन को अपने लक्ष्य आनन्द व मोक्ष तक...

पौराणिक हिंदू समाज और सत्य सनातन वैदिक धर्म को मानने वाले आर्य समाज में अंतर

.................................................. १. हिन्दू परमात्मा के भिन्न भिन्न प्रकार के अवतारों को मानते है। तैंतीस कोटि का अर्थ तैंतीस करोड देवी देवता लेकर उन्हें भी परमात्मा...

सर्गारम्भ में सर्वज्ञ और सर्व जीवन -आधार ईश्वर से ही 4 ऋषियों को चार वेद मिले थे

ओ३म् =========== हमारा यह संसार स्वतः नहीं बना अपितु एक पूर्ण ज्ञानवान सर्वज्ञ सत्ता ईश्वर के द्वारा बना है। ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, सर्वव्यापक, सर्वातिसूक्ष्म,...

मैं ईश्वर को जानता हूं वह आदित्य वर्ण और अंधकार से दूर है

ओ३म् =========== ईश्वर है या नहीं? इस प्रश्न का उत्तर ‘ईश्वर है’ शब्दों से मिलता है। ईश्वर होने के अनेक प्रमाण हैं। वेद सहित हमारे...

आत्मा एक अनादि द्रव्य है जिसकी सिद्धि उसके गुणों से होती है

ओ३म् ========== संसार में अनश्वर एवं नश्वर अनेक पदार्थ हैं जिनकी सिद्धि उनके निज-गुणों से होती है। वह गुण सदा उन पदार्थों में रहते हैं,...

जगन्नाथ के कुछ वैदिक नामों की व्याख्या

अंग्रेजी परम्परा में अंग्रेजी माध्यम से संस्कृत पढ़े लोग कहते हैं कि वेद में जगन्नाथ का नाम या वर्णन नहीं है। स्वयं भगवान् ने कहा...