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इतिहास के पन्नों से

संपादकीय




धर्म-अध्यात्म

मनुष्य को इस सृष्टि के कर्त्ता और पालक ईश्वर के उपकारों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए

ओ३म् ============ मनुष्य मननशील प्राणी है। इसका शरीर उसने स्वयं उत्पन्न किया नहीं है। माता पिता से इसे जन्म मिलता है। माता पिता भी अल्पज्ञ...

अपने देश और देशवासियों से प्रेम न करने वाला व्यक्ति सच्चा धार्मिक नहीं होता

ओ३म् ========= संसार में जितने मनुष्य हैं व अतीत में हुए हैं वह सब किसी देश विशेष में जन्में थे। उनसे पूर्व उनके माता-पिता व...

धर्म शुभ कर्तव्यों के ज्ञान , पालन और असत् कर्मों के त्याग को कहते हैं

ओ३म् =========== धर्म के विषय में तरह तरह की बातें की जाती हैं परन्तु धर्म सत्याचरण वा सत्य कर्तव्यों के धारण व पालन का नाम...

जीवात्मा के पुनर्जन्म का सिद्धांत सत्य नित्य होने सहित विश्वसनीय है

ओ३म् =========== मनुष्य में भूलने की प्रवृत्ति व स्वभाव होता है। वह अपने जीवन में अनेक बातों को कुछ ही समय में भूल जाता है।...

हमें दैनिक अग्निहोत्र यज्ञ करके अपने घर की वायु को शुद्ध करना चाहिए

ओ३म् वैदिक धर्म एवं संस्कृति में यज्ञ का प्रमुख स्थान है। यज्ञ किसी भी पवित्र व श्रेष्ठ कार्य करने को कहा जाता है। मनुष्य जो...

महात्मा बुद्ध से पहले सनातन धर्म का कैसा था स्वरूप?

आजकल कुछ वामपंथी ईर्ष्यालु लोगों ने भाषा विज्ञान का आडंबर रचकर संस्कृत को बहुत नवीन भाषा कहना शुरु किया है। वे लोग बौद्ध साहित्य में...