जिस प्रकार हमारा धर्म हमें उत्तम ज्ञानवान बनाना चाहता है उसी प्रकार हमारी मर्यादा हमारे उत्तम ज्ञान को संसार के कल्याण के लिए व्यय कराना चाहती है। वह हमें संसार के कल्याण मार्ग का पथिक बनाकर उत्कृष्ट जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है। इस प्रकार इस संगम पर आकर धर्म और मर्यादा एक ही […]
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ओ३म् =========== दिनांक 21 फरवरी, 2020 को ऋषि दयानन्द जन्मभूमि न्यास, टंकारा में आयोजित ऋषि बोधोत्सव का एक महत्वपूर्ण आकर्षण वहां गुजरात के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विजय रुपाणी जी का पधारना और ऋषि दयानन्द को अपनी श्रद्धांजलि प्रस्तुत करना था। उन्होंने अपने सम्बोधन में वह बातें कहीं जो हम भारत के किसी मुख्यमंत्री से अपेक्षा […]
न्याय प्राप्ति के लिए व्यक्ति का निर्भीक होना आवश्यक है। यदि व्यक्ति में निर्भीकता नही है, तो वह न्याय की प्राप्ति नही कर सकता। यही बात इतिहास के लिखने के संदर्भ में भी जाननी समझनी चाहिए। इतिहास लेखन में न्याय आवश्यक है, अन्यथा आप अपनी आने वाली पीढिय़ों के साथ न्याय नही कर पाएंगे। एक […]
नई दिल्ली । देश के 70वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर परेड का आयोजन किया गया । जिसमें भारतीय सशस्त्र सेनाओं के शौर्य और पराक्रम की छटा को देखकर उपस्थित जनसमुदाय ही नहीं बल्कि देश व दुनिया के कोने कोने में बैठे लोग भी गर्व और गौरव से भर गए । इस मौक़े […]
लिमटी खरे देश पर आधी सदी से ज्यादा शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी को बीच बीच में कुछ विराम मिले हैं। 1977 में पहली बार मोरारजी देसाई के प्रधानमंत्री बनते ही कांग्रेस का शाही रथ रूक गया था। इसके उपरांत एक बार फिर कांग्रेस सत्ता में आई। 1989 में विश्वनाथ प्रताप सिंह, 1990 में चंद्रशेखर, […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार एक तरफ कांग्रेस और इसके समर्थक दल CAA को लेकर मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं, लेकिन विरोध पूर्णरूप से पदभ्रष्ट हो चूका है। इस कटु सच्चाई को हर भारतीय को अच्छी तरह समझ भी आने लगी है। उसका कारण है, जब विरोध CAA को लेकर है, फिर प्रदर्शनकारी हिन्दू-विरोधी नारे […]
भारत को क्रांति के माध्यम से स्वतंत्रता दिलाने का संकल्प ले चुके नेताजी सुभाष चंद्र बोस आजीवन अंग्रेजों की आंखों की किरकिरी बने रहे थे। अपनी योजना को फलीभूत करने के लिए 22 जून 1940 को वह सावरकर जी से मिल चुके थे और उनसे आशीर्वाद ले चुके थे कि उन्हें भारत छोड़कर रासबिहारी बोस […]
आज हम आपको आर्य जगत के सुप्रसिद्ध विद्वान आचार्य दार्शनेय लोकेश जी के एक तार्किक और तथ्यात्मक विश्लेषण से अवगत कराते हैं। जिसके अनुसार यह सिद्ध होता है कि मकर संक्रांति वास्तव में 14 या 15 जनवरी को नहीं बल्कि 22 दिसंबर को प्रत्येक वर्ष आती है। उसी दिन हमें यह पर्व मनाना भी चाहिए […]
ओ३म् ========== हमारा यह संसार एवं प्राणी जगत ईश्वर की विशिष्ट रचना है। यह संसार परमात्मा ने अपना कोई प्रयोजन पूरा करने के लिये नहीं अपितु जीवात्माओं का सुख एवं कल्याण करने की भावना से बनाया है। जीवात्मा चेतन तथा अल्पज्ञ सत्ता है। जीवात्मा अनादि व नित्य होने से संसार में सदा से है और […]
मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की जल्द प्रकाशित होने वाली पुस्तक देश के सियासी और सामाजिक जगत में हलचल मचाने के साथ कई रोचक तथ्यों का राजफाश करेगी। इसमें चौंकाने वाला तथ्य प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जुड़ा है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने चीन युद्ध के बाद यह भान करा दिया था […]