जिस समय खालसा पंथ की स्थापना की गई थी, उस समय देश में मुगलों के अत्याचार अपने चरम पर थे। खालसा का अभिप्राय शुद्धता से है। इस शुद्धता का अभिप्राय था कि जिस इस्लाम के नाम पर मुगल बादशाह सनातन वैदिक धर्मी हिंदू समाज पर अत्याचार कर रहे थे, उससे शुद्ध पवित्र कोई नहीं था। […]