भारतीय संस्कृति के उद्भट्ट प्रस्तोता के रूप में ख्याति प्राप्त पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डा. एपीजे अब्दुल कलाम के अंतिम शब्द थे-‘धरती को जीने लायक कैसे बनाएं?’ कलाम साहब के इस प्रश्न का उत्तर स्वयं उनका अपना जीवन है, मनुष्य स्वयं को उनके जैसा बना ले तो यह धरती जीने लायक अपने आप हो जाएगी। […]
Category: विशेष संपादकीय
मोदी-शरीफ मिलन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के उनके समकक्ष नवाज शरीफ के बीच बैठक संपन्न हुई है। इस बैठक में दोनों नेताओं ने आगे वार्ता करते रहने पर सहमति जताई है। वार्ता की प्रक्रिया और परिणामों पर यदि विचार किया जाए तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ वार्ता की प्रक्रिया को पुन: जारी करके […]
कांग्रेस मोदी का विकल्प पेश करे
कांग्रेस के पास एक ऐसे नेता हैं जो एक साथ दो परस्पर विरोधी गुणों से विभूषित हैं, अर्थात वे गुलाम भी हैं और आजाद भी हैं। जो व्यक्ति गुलाम है अर्थात दूसरे के शब्दों को बोलता है, जिसके पास अपना बोलने को कुछ नही है, वह आजाद कैसे हो सकता है? पर कांग्रेस के गुलाम […]
यशवंत सिन्हा की बेतुकी चिल्ल पौं
परिवर्तन प्रकृति का नियम है। यथास्थितिवाद किसी भी स्थिति-परिस्थिति में प्रकृति को स्वीकार्य नही है, फिर यह मानव समाज को ही स्वीकार्य क्यों होगा? बेटा पिता से अधिकार प्राप्त कर लेता है, और फिर एक दिन आता है कि जब पिता स्वयं पीछे हट जाता है और बेटे को आगे बढ़ा देता है। यह सहज […]
भारत ने बनाये दो कीत्र्तिमान
भारत के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारत में हुए गौरवमयी आयोजनों को लेकर पूरे विश्व में वाह वाही हो रही है। इतना ही नहीं सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसी दिन भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बना गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉड्र्स में अपना नाम दर्ज […]
चीन के चाल-चरित्र को समझना होगा
चीन के पाकिस्तान के साथ भारत के विरूद्घ कैसे संबंध हैं, इसकी बानगी चीन समय-समय पर दिखाता रहता है। वह अपने आचरण और व्यवहार से यह स्पष्ट करने में तनिक भी नही चूकता है कि भारत से पहले उसके लिए पाकिस्तान है। संयुक्त राष्ट्र में चीन ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी को […]
1947 में जब देश का बंटवारा हुआ तो सीमा की अनिश्चितता उस समय सबसे बड़ा प्रश्न था। हर व्यक्ति को यही चिंता सताये जा रही थी कि देश की सीमाएं घटकर कहां तक रह जाने वाली हैं? संभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता थी कि वह स्वतंत्रता के पश्चात भारत में रहेंगे […]
गंगा हिंदुओं के लिए प्राचीन काल से ही एक पवित्र नदी रही है। हिमालय से निकलने वाली यह नदी गंधक के पहाड़ से निकलकर आती है, इसलिए इसके जल में बहुत से रोगों को समाप्त करने और दीर्घकाल तक स्वच्छ बने रहने की अद्भुत क्षमता होती है। इस नदी में प्रतिदिन लगभग बीस लाख लोग […]
योग को साम्प्रदायिक रंग मत दो
योग चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम है। चित्त की वृत्तियां हर व्यक्ति को समान रूप से दुखी करती हैं। यदि उन पर व्यक्ति नियंत्रण स्थापित कर लेता है तो व्यक्ति महानतम कार्यों का निष्पादन करने में सफल हो जाता है। आज इसी योग को विश्व स्तर पर स्थापित करने की दिशा में हम […]
खबर है कि भारत इस सप्ताहांत पाकिस्तान के 88 मछुआरों को सद्भावना के तौर पर रिहा करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते मंगलवार को अपने समकक्ष नवाज शरीफ से बात करके इस फैसले के बारे में जानकारी दी थी। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारत ने 88 पाकिस्तानी मछुआरों को रिहा करने के फैसले के […]