बीती जाये रे उमरिया भजन बिना, अरे…..भजन बिना, हरि भजन बिना…… बीती जाए रे उमरिया………. मात पिता से मिला जन्म हमें करने लगे खिलारी, परिजन सब खुश होते थे, मारै थे किलकारी, लुटी बचपन की वो बगिया…………….1 आगे बढ़े तो मिल गया यौवन छा गयी पूरी मस्ती, अपनी मस्ती के आगे नही समझी कोई […]
Category: कविता
सपनों की दुनिया भी अजीब, सपने, सपने ही होते हैं।वास्तविकता से अलग हें, दुनिया की सैर कराते हैं।। जहां बंधन से, निर्बाध बने, हम स्वच्छंद विचरण करते हैं।जो बातें यहां असंभव हैं, सपने में सच हो जाती हैं।। कुछ सपने सच भी होते हैं, ऐसा विश्लेषक कहते हैं।नींद खुली, सब छूट गया, ये सपने रूला […]
आओ हम सब पढ़े-पढ़ावें, प्रभु की वाणी वेद है।जिससे कट जाते हर संकट, मिट जाते उर भेद हैं॥ 1.वेद प्रभु की सच्ची पूँजी, वेद आन और बान है।वेद प्रभु की ज्ञान की कुंजी, वेद प्रभु की शान है।पढ़े-पढ़ायें, सुने-सुनायें, चले ढलें श्रुति वेद हैं॥जिससे कट जाते……… 2.वेद ही हर मानव को जग में,मानवता सिखलाते हैं।ॠषि-मुनि […]
हर बार कुर्बान हो जाती है बेटियॉघर की चारदीवारो में पिस जाती है बेटियॉ।। रीति-रिवाजो में बंध जाती है बेटियॉघुट-घुट कर जी जाती है बेटियॉ।। सभी संस्कार निभाती है बेटियॉपरिवार के वंश को चलाती है बेटियॉ।। हर दुख को सहन कर जाती है बेटियॉकितने ही अत्याचार हो सह जाती है बेटियॉ।। बिन कहे समझ जाती […]
गौ गंगा और गायत्री की, महिमा जिनने जानीसमझो सफल है उनकी, यह पावन जिंदगानी माँ सम दे वात्सल्य गाय, अरु देय सुधा सम नीरजो सेवन नित इसका करे, होय विविध बहु वीर सकल सिद्धि दाता गौ-माता, वेदन यही बखानीतुलसी व्यास कबीर सूर, सबकी ये अमृत वानी भला माँ गंगे की महिमा, सकें कौन कवि गायजग […]
भरते-भरते घडा़ पाप का,कही भर गया तो क्या करोगे?मरते हो तुम जिसपे इतना ज्यादा,वही मर गया तो क्या करोगे?नजर से तुम्हारी हटे ये नजर,नजर मे तुम्हारी नूरे नजर।।वैसे विधाता ने छीनी नजर,पराई अमानत पर फिर भी नजर।।जरते-जरते भतीजों पे अपने,सभी जल गया तो क्या करोगे?स्वयं खोदते काहे अपनी कबर,उसे काटते काहे बैठे जिस डाल पर।।विषघर […]
दुनिया के अंतरिक्ष इतिहास में,भारत का पहला कदम।बन गया मील का पत्थर,वैज्ञानिकों का सफल दमखम।।भारत के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के,बुलंद-हौसलों का प्रतीक।चंद्रयान एक, बाइस अक्टूबर 2008प्रक्षेपण एक दम सटीक ।। 1 ।।भारत का अंतरिक्ष में बढ़ा पहला कदम,साबित हुआ लंबी छलांग।चंद्रयान का अंतरिक्ष में तीन सौ बारह,दिन की छोटी आयु मां।।याद रहेगा, चंद्रमा की कक्षा के,3400 […]
गर्व था भारत-भूमि कोकि महावीर की माता हूँ।। राम-कृष्ण और नानक जैसेवीरो की यशगाथा हूँ॥ कंद-मूल खाने वालों सेमांसाहारी डरते थे।। पोरस जैसे शूर-वीर कोनमन ‘सिकंदर’ करते थे॥ चौदह वर्षों तक वन मेंजिसका धाम था।। मन-मन्दिर में बसनेवाला शाकाहारी राम था।। चाहते तो खा सकते थेवो मांस पशु के ढेरो में।। लेकिन उनको प्यार मिला‘ […]
– डॉ. दीपक आचार्य9413306077dr.deepakaacharya@gmail.com चिड़िया कहाँ मुक्त हैकहाँ हैंउसकी आजादी के मौलिक अधिकारमुक्ति, समानता और स्वतंत्रता कारह-रह कर उठने वाला शोरखोता रहा है संसद के गलियारों से हो करनिस्सीम जंगल में।चिड़िया चाहती है-उन्मुक्त हँसी-ठट्ठापरपिंजरा है कउसी की हँसी उड़ाता है,कोमल, भावुक, सुन्दर चिड़ियाचाहते हैं सभीऔरचाहत के अधीन ही सहीचिड़िया हो जाया करती है-नज़रबन्दबिठा दिए जाते […]
कोई रूप नहीं बदलेगा सत्ता के सिंहासन का कोई अर्थ नहीं निकलेगा बार-बार निर्वाचन का ! एक बड़ा ख़ूनी परिवर्तन होना बहुत जरुरी है अब तो भूखे पेटों का बागी होना मजबूरी है !! जागो कलम पुरोधा जागो मौसम का मजमून लिखो चम्बल की बागी बंदूकों को ही अब कानून लिखो ! हर मजहब के […]