नरेंद्र नाथ देश की राजनीति में धर्म का दखल नया नहीं है और न ही इसके आधार पर ध्रुवीकरण की कोशिश या इसे चुनावी लाभ-हानि से जोड़ने की परंपरा नई है। फिर भी इस बार पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान जिस तरह से धर्म का बेपर्दा इस्तेमाल देखा गया, ऐसा शायद ही […]