डॉ. वेदप्रताप वैदिक कोई भी शक्तिशाली और संपन्न देश ऐसा नहीं है, जहाँ विदेशी भाषा के माध्यम से पढ़ाई होती हो। हिरन पर घास लादने की मूर्खता सिर्फ भारत-जैसे पूर्व गुलाम देशों में ही होती है। इसके विरुद्ध डॉ. लोहिया ने जो स्वभाषा आंदोलन चलाया था, उसका मूर्त रूप अब देखने में आ रहा […]