उत्तर प्रदेश में 90 के दशक में समाजवादियों की अय्याशी पर मशहूर शायर अदम गोंडवी ने लिखा था :- काजू भुने प्लेट में, विस्की गिलास में । उतरा है समाजवाद विधायक निवास में ।। पक्के समाजवादी हैं, तस्कर हों या डकैत । इतना असर है ख़ादी के उजले लिबास में ।। वह तो अच्छा था […]
अखिलेश यादव का यही असली समाजवाद है