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मुस्लिम समाज का दीर्घकालिक लक्ष्य उसे कभी हासिल नहीं होगा———-श्याम सुन्दर पोद्दार  


———————————————१९२० में मुसलमानों ने कांग्रेस के अन्दर प्रवेश करके खिलाफ़त आन्दोलन किया था। जनता की निगाह में तो वह अकेला पतन अंग्रेजो के खिलाफ चलाया गया आंदोलन था। जिसका लक्ष्य देश को आजाद कराना था परंतु सच कुछ और था। सच यह था कि अंग्रेजों ने टर्की के शासक मुसलमानों के धर्मगुरु खलीफा को उसके पद से हटा दिया था। इससे भारत के कई मुसलमानों को ऐसा लगा कि उन्हें अपने धर्म गुरु का साथ देना चाहिए । गांधी ने ऐसे मुसलमानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए खिलाफत आंदोलन चला दिया। जिसका भारत की आजादी से दूर-दूर का भी कोई लेना देना नहीं था।
१९२० में मुसलमानो ने कांग्रेस के अन्दर प्रवेश करके खिलाफ़त आन्दोलन किया था जनता की निगाह में तो वह टर्की के प्रधान जिसके हाथ से प्रथम बिश्व युद्ध में टर्की की पराजय के बाद अंगरेजो ने बिश्व इस्लामिक जगत का ख़लीफ़ा की पदवी छीन कर अरब जगत को दे दी व मक्का मदीना के तीर्थ क्षेत्र का नियंत्रण उनके हाथ में दे दिया गया उसको फिर से टर्की के हाथ में देना था। पर असली काम भारत में इस्लामिक राज्य स्थापित करना था। गाँधी भी यह जानते हुवे भी हिन्दु जनता का ख़िलाफ़त के लिये समर्थन हासिल करने के लिए झूठ पर झूठ बोलते थे। मुसलमानो के सहयोग के बिना आज़ादी नही मिल सकती। ख़िलाफ़त वाले अलीगड़ी मोहम्मद अली,शौक़त अली व मौलाना आज़ाद की असली स्कीम टर्की के प्रधान को ख़लीफ़ा पद प्राप्त कराना नही था वह तो मुसलमानो को उत्तेजित करने के लिये था। असली खेल ख़िलाफ़त की आड़ में यह था हिन्दु मुस्लिम एक होकर अंगरेजो के बिरूध रास्ट्र व्यापी वातावरण बनायेंगे। इस परिस्तिथि में अफ़ग़ानीस्तान का आमिर अमानुल्ला भारत पर आक्रमण करेगा तथा भारत में इस्लामिक राज्य स्थापित हो जायेगा। गाँधी ने इस निमित्त अफ़ग़ानीस्तान के आमिर को स्वयं भारत पर आक्रमण करने का टेलीग्राम भी दिया। गाँधी ने यह भी कह दिया आमिर का इस्लामिक शासन माने स्वराज। इतना बड़ा धोका गाँधी का हिन्दुओं के साथ। पर अंगरेजो ने आमिर अमानुल्लाह को गद्दी से हटा कर बच्चा साक़ु को गद्दी पर बैठा दिया। ख़िलाफ़त वालो की गेम टाँयटाँय फिस्स होते ही गाँधी ने चोरी चोरा की आड़ में आन्दोलन वापस ले लिया। कांग्रेस में मोहम्मद अली,शौक़त अली,मौलाना आज़ाद ने अपना बड़ा स्थान बना लिया। फिर ये १९२७ से पाकिस्तान बनाने की गेम खेलने लगे १९४७ में पाकिस्तान बन जाने के बाद मौलाना आज़ाद खण्डित बचे हुवे हिंदुस्तान को इस्लामिक राज्य में बदलने में लगा दिया। जो मुसलमान पाकिस्तान बनने के पहले कहते थे हम काफिर हिन्दुओं के साथ नही रह सकते हमारा इस्लामिक मज़हब हमें काफिरो के साथ यहा रहने की इजाज़त नही देता। मुश्किल से ५ प्रतिशत मुसलमान पाकिस्तान गए होंगे। मुस्लिम लीगकी अधिकतम ताक़त उत्तर प्रदेश में थी पाकिस्तान के प्रधान मन्त्री लियाक़त अली खान उत्तर प्रदेस के थे। जिन्ना के बाद मुस्लिम लीग के अध्यक्ष बने खलिकु जम्मान उत्तर प्रदेस से थे। वहा से १० लाख मुस्लिम लीग के कार्यकर्ता पाकिस्तान गये उस शान्त इलाक़े में हिन्दुओं का कत्लेआम करके २० लाख हिन्दुओं को मौत के घाट उतार के पूरा पश्चिमी पकिस्तान की २३ प्रतिशत हिन्दू जनता को २ प्रतिशत पर पहुँचा कर वापस उत्तर प्रदेश में आ गये भारत में बची हुवी मुस्लिम लीग कांग्रेस में मिल गयी। ग्रेट कोलकाता किलिंग व सारे भारत में हिन्दुओं की हत्या करने वाले मुस्लिम लीग के नेता कांग्रेस के मन्त्री, गवर्नर,राजदूत बन गये। पीछले २०११ के सेंसस के अनुसार मुसलमान १९४७ में खण्डित हिंदुस्तान में २.५ करोड़ थे वह ६ गुना बढ़ कर १५ करोड़ हो गए जबकि हिन्दु -सिख २८ करोड़ थे पाकिस्तान से १.४ करोड़ शरणार्थी आये। २९.४ करोड़ २०११ के सेंसस के अनुसार लगभग ३ गुना ही बढ़े व ८४ करोड़ बन गयी। आज की हिन्दु जनता अब बेवक़ूफ़ नही रही व नोवा ख़ाली किलिंग की तरह गुजरात किलिंग कर सकती है।हमने हिन्दु महासभा की तरफ़ से मुसलमानो के आधुनिक जिन्ना ओबेसी को साफ़ साफ़ कह दिया है। तुम २३ प्रतिशत थे बँटवारे में पाकिस्तान में ३० प्रतिशत ज़मीन लेगए। भारत में तुमलोगों के हिस्से की ज़मीन नही है। भारत में रहना तो पाकिस्तान से अपने हिस्से की ज़मीन लावो। अन्यथा जिन्ना की तरह हम भी बन्दूक बनाना जानते है जैसे जिन्ना ने पाकिस्तान को हिन्दु विहीन बनाया हम हिंदुस्तान को पाकिस्तानी विहीन कर देंगे। मुस्लिम नेता बड़ी बड़ी बात करने लगे है। अगले ५० वर्ष में हम जनसंख्या बढ़ा कर बहुसंख्यक हो जाएँगे। हमारा प्रधान मन्त्री होगा और हम राम मंदिर को तोड़ कर बाबरी मस्जिद बना देंगे।अब ओबेसी हम आपको मात्र १०वर्ष दे रहे है। उस बीच में पाकिस्तान से ज़मीन लेआये तो ठीक है अन्यथा हम जिन्ना की तरह की पाकिस्तानियो से हिन्दुस्तान को ख़ाली करने के लिये स्वतंत्र है।(लेखक- अखिल भारत हिन्दु महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष है)

   

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