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नीतीश का मोदी पर वार

क्या हम मान्यवर नीतिश जी से पूछ सकते हैं कि उनकी प्रबुद्ध सोच के अनुसार, ‘सेकुलर की परिभाषा क्या है? क्या सेकूलर वही है,1.जो भारत के संसाधनों पर पहला हक मुस्लिमों का है, की घोषणा करें,2.जो मुस्लिम लड़कियों को तो दसवीं पास करने पर 30,000 रुपये दे और हिन्दू लड़कियों को कुछ न दें,3.जो 25 […]

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अल्पसंख्यक आरक्षण और आन्ध्र उच्च न्यायालय का निर्णय

प्रवीण गुगनानीआरक्षण और पिछ्ले दिनों आन्ध्रप्रदेश उच्च न्यायलय ने एक एतिहासिक और साहसिक फैसले को सुनाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पिछडो के लिये रखे गये 27 त्न आरक्षण में से 4.5 त्न आरक्षण अल्पसंख्यकों को देने का प्रस्ताव गलत है । पिछड़ी जातियों के लिये आरक्षित 27 त्न आरक्षण में 4.5 त्न की […]

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कमियों का पुलिंदा है कश्मीर के वार्ताकारों की रिपोर्ट

शादाब जफर शादाब13 अक्टूबर 2010 को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर पर वार्ताकारों के लिये एक दल का गठन किया। जिस में देश के वरिष्ठ पत्रकार दिलीप पडगांवकर, शिक्षाविद् राधाकुमार और पूर्व केन्द्रीय सूचना आयुक्त एम.एम. अंसारी को रखा गया। पहला सवाल सवाल यह उठता है कि पूरे देश से क्या जम्मू-कश्मीर वार्ता के लिये […]

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ब्रिटिश संसद के लिए चुने गए थे नौरोजी

द ग्रैंड ओल्डमैन आफ इंडिया के नाम से मशहूर दादा भाई नौरोजी ब्रिटिश संसद में चुने जाने वाले पहले एशियाई थे। संसद सदस्य रहते हुए उन्होंने ब्रिटेन में भारत के विरोध को प्रस्तुत किया। दादा भाई नौरोजी ने भारत की लूट के संबंध में ब्रिटिश संसद में ड्रेन थ्योरी पेश की। इस ड्रेन थ्योरी में […]

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गोहत्या पर रोक जरूरी

गत दिवस पंजाब में हत्या के लिए ले जाई जा रही 18 गायों को गो तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। कुछ ही दिनों पूर्व गोहत्या के सवाल पर प्रदेश के मानसा जिले में दंगा भड़क उठा था और उसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग तथा क?फ्र्यू का सहारा लेना पड़ा […]

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भाजपा को मिला भागवत का ज्ञान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से धर्मनिपरपेक्ष चेहरे को राजग की ओर प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाए जाने की मांग पर भाजपा अभी कुछ बोलती, इससे पहले ही भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने यह कह कर कि हिंदूवादी चेहरे का प्रधानमंत्री बनाने में क्या […]

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भारत को कैसे मिले अब तक के अपने राष्ट्रपति

रायसीना हिल्स पर बना राष्ट्रपति  भवन गणतांत्रिक भारत के हर ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना है। आजादी से पूर्व इसे वायसरीगल हाउस के नाम से जाना जाता था। लेकिन 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.15 बजे जब डा. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति  के रूप में शपथ लेकर गणतांत्रिक भारत के राजपथ पर कदम रखे […]

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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी – एक प्रेरणास्पद जीवन

स्वतंत्र प्रभुतासम्पन्न भारत के निर्माताओं में डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम उल्लेखनीय है। जो एक महान देशभक्त, शिक्षाविद, संसदविज्ञ, राजनेता, मानवतावादी और इन सबसे ऊपर राष्ट्रीय एकता और अखंडता के समर्थक थे। 6 जुलाई, 1901 को कलकत्ता में जन्मे श्यामा प्रसाद को विद्वत्ता, राष्ट्रीयता की भावना और निर्भयता अपने पिता श्री आशुतोष मुखर्जी से […]

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राजग की दरकती दीवारें

मगन देव नारायण सिंह जनता दल (यू.) और भाजपा नेताओं के वाक्युद्ध से राजग अर्थात राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की दीवारें दरकने लगीं है। राजनीतिक विश्लेषकों को अब यह विश्वास हो गया है कि राजग के देदिप्यमान भवन के ध्वस्त होने में अब देर नहीं है। वैसे राजनीति के पंडितों का यह भी कहना है कि […]

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जनसंख्या दिवस (11 जुलाई ई.)

विश्व में लगभग २०० देश हैं। सम्भवत: भारत ही अपवाद स्वरूप एक मात्र ऐसा देश है जहां कि बहुसंख्यकों (मूल निवासियों ) का जनसंख्या में प्रतिशत लगातार घटता रहता है। यह क्रम १८८१ ई. से निरन्तर जारी है जबसे जनगणना आरम्भ हुई थी। हर १० वर्ष में हिन्दू का प्रतिशत, एक प्रतिशत सरकारी आकंडों के […]

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