जम्मू कश्मीर की बाहरवीं विधान सभा के चुनाव नतीजे २३ दिसम्बर को घोषित हो गये थे । यद्यपि चुनाव परिणामों में विभिन्न दलों को मिली सीटों से इतना अन्दाज़ा तो हो ही गया था कि सरकार उतनी आसानी से नहीं बनेगी जितनी आसानी से २३ दिसम्बर से पहले समझा जा रहा था । लेकिन इतनी […]
Category: महत्वपूर्ण लेख
डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय पत्रकारिता की यात्रा जैसे-जैसे समय के साथ आगे बढ़ती जा रही है, इसे लेकर चहुंओर जन मानस की आम धारणाओं में निरंतरी अंतर देखने को मिल रहा है। इसके वाबजूद भी आज ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो इसे वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करने वाला सशक्त माध्यम मानते […]
रज्जाक अहमद संत (शैतान) रामपाल का धर्म के नाम पर ऐसा घिनौना खेल सामने आया, कि उसे देखकर धर्म भी शर्मसार हो गया। वैसे इन दिनों स्वयंभू धर्म गुरूओं और बाबाओं का पूरे देश में ऐसा जाल फैला हुआ है कि साधारण आदमी वास्तविक संत और ठगिया शैतान के बीच परख नही कर पा रहा […]
पानी की बूंद की उत्पत्ति का रहस्य
पानी की बूंद की उत्पत्ति का रहस्य भी अजीब है | मैंने बहुत सोचा, परन्तु समझ न सका , कहाँ से आया और इसका क्या हश्र होगा? खैर ! बूंद, जिसकी शायद नियति ही थी उसकी उत्पत्ति का कारण| बूंद तो अपने आप में मग्न थी क्योंकि वह अपने आप को बादल का एक सदस्य […]
गोडसे ने गांधी को क्यों मारा-6
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देवों के सोने और उत्थान का रहस्य
उत्तरी भारत में देव सोने और उठने की बात सुनने में आती है। इस देव सोने और उठने का एक निश्चित काल है-आषाढ़ माह की ‘भदौरिया नवमी’ को देव सोते हैं और कार्तिक में ‘देवोत्थानी एकादशी’ के दिन देव उठते हैं। देव सोने और जागने की यह परंपरा भारत में युगों पुरानी है। देव सोने […]
आधुनिक भारत के शिल्पी सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचार, कर्म और उनकी स्मृतियां मन को रोमांच और गौरव से भर देती हैं। वे ऐसे राष्ट्रभक्त महापुरुष थे जिनके लिए ‘राष्ट्र सबसे पहले’ था। सरदार सही मायने में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे और हैं। उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने […]
आजकल डिब्बाबंद खान-पान सामग्री का प्रचलन जोर पकड़ता जा रहा है। जब से हमने परिश्रम करना छोड़ दिया है तभी से हम तैयार खान-पान के आदी हो गए हैं।
हम सब कमा रहे हैं दूसरों के लिए
वो जमाना चला गया जब आदमी अपने और अपने कुटुम्ब के लिए कमाता था और संतोषी जीवन व्यतीत करते हुए जिन्दगी के सारे आनंद प्राप्त करता था, समुदाय को भी आनंदित करता था, सामाजिक सरोकारों और क्षेत्रीय हलचलों में पूरी और पक्की भागीदारी निभाता हुआ अपने जीवन को धन्य करता था। आज पहले के मुकाबले […]
देश में सरदार पटेल की सबसे ऊँची मूर्ति स्थापित करने का निर्णय गुजरात सरकार ने पहले ही कर लिया था । इसके लिये देश के कोने कोने से लोहा भी एकत्रित किया जा चुका है । अब इस प्रकल्प का क्रियान्वयन हो रहा है । सरदार पटेल की १८२ मीटर की इस प्रस्तावित मूर्ति को […]