जल ही जीवन है शास्त्रों का कथन है : “अग्नीषोमात्मकम् जगत्।” अर्थात् यह जगत् अग्नि और सोम (जल) का संघात (Mixture) है। संसार में सब कुछ इनके सम्मिश्रण से बना है। तैत्तिरीय उपनिषद् (2.1) का कथन है : ” वायोरग्नि:। अग्नेराप:। अद्भभ्य: पृथिवी।” अर्थात् वायु से अग्नि की, अग्नि से जल की और जल […]
कोरोना काल में जल चिकित्सा का महत्व