अजय आर्य झालावाड़। यहां हरिगढ़ में ‘उगता भारत ट्रस्ट’ के माध्यम से ‘संस्कृति जागरण-देश जागरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा पंडित नंदकिशोर मिश्र ने किया। श्री मिश्र ने इस अवसर पर कहा कि ‘उगता भारत ट्रस्ट’ का उद्देश्य इस देश की सांस्कृतिक विरासत की […]
Category: प्रमुख समाचार/संपादकीय
नौकरशाही का मायाजाल
मोदी सरकार को बने सात माह से ज्यादा हो गए लेकिन अभी तक देश में कोई खास बदलाव नहीं आया। सरकार की नाक के नीचे दिल्ली में बलात्कार की घटनाओं में काफी बढ़ोत्तरी हो गई। नेता लोग जरुर थोड़े डर गए हैं लेकिन जहां तक सरकारी कर्मचारियों का सवाल है, रिश्वत का हाल ज्यों का […]
श्री वेणीशंकर मु. वासु चरागाह पशुरक्षक व पशु-संवर्धन की जीवन-रेखा है। पशुधन इस देश के कृषि, व्यापार, उद्योग इत्यादि अनेक उपयोगी विषयों की आधारशिला है। सच तो यह है कि देश के धर्म, संस्कृति, कृषि, व्यापार, उद्योग, समृध्दि और सामाजिक व्यवस्था तथा जनता की शांति व सुरक्षितता की जीवन-रेखा देश के समृध्द चरागाह ही हैं। […]
डॉ. मयंक चतुर्वेदी ब्रह्माण्ड का सृजन और जीवन की उत्पत्ति यह लाखों वर्ष बीत जाने के बाद भी रहस्य बना हुआ है। इसे जानने के जितने भी प्रयास किए जाते हैं, खोजकर्ता उतने ही प्रकृति के रहस्य में समा जाते हैं। हर बार उनके मुख से यही शब्द निकलते हैं कि नेति नेति अर्थात न […]
बिखरे मोती-भाग 81 पदार्थ मिले हैं कर्म से,मिलते नही भगवान।अहंभाव उर से मिटैतो प्रकटें भगवान ।। 850।।व्याख्या : जैसे सांसारिक पदार्थ कर्मों से मिलते हैं, ऐसे परमात्मा की प्राप्ति कर्मों से नही होती, क्योंकि परमात्म -प्राप्ति कर्म का फल नही है। याद रखो, प्रत्येक कर्म की उत्पत्ति अहंभाव से होती है,जबकि परमात्म प्राप्ति अहंभाव के […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी “मेरा एक ही संदेश है कि राजधर्म का पालन करें। राजधर्म….। यह शब्द काफी सार्थक है। मै इसी का पालन कर रहा हूं। पालन करने का प्रयास कर रहा हूं। राजा के लिये शासक के लिये प्रजा प्रजा में भेद नहीं हो सकता। ना जन्म के आधार पर ना जाति के आधार […]
हरपाल सिंह जबकि प्रकृति के गर्भ में द्रव्य सीमित मात्रा में होने के कारण युरेनियम 85 साल में, कोयला 70 साल, तेल 58 सालों में, गैस 52 सालों में, दो तिहाई खत्म हो जायेगें। ऊर्जा उत्पादन स्रोतों के खर्च का ब्यौरा देखने पर पता चलता है कि 1 मेगावाट विद्युत उत्पादन में कोयले से 14 […]
हरपाल सिंह भारत की संस्कृति, समृद्वि और सभ्यता का आधार गंगा, गौ, गायत्री, गीता और गुरु ही रही है। भारत की संस्कृति प्रकृति मूलक संस्कृति है। दुनिया के प्राचीनतम ग्रन्थ वेदो में कण-कण के प्रति अहो भाव की अभिव्यक्ति है। हमने सूर्य-चन्द्र, ग्रह नक्षत्र, पशु-पक्षी, जीव-जन्तु, पेड़-पौधों को पूज्य माना है। प्रकृति का कण-कण हमें […]
राजीव कुमार स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत में सीएसआर (कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) की अहम् भूमिका है। उपरोक्त बातें अल्पसंख्यक आयोग, संसदीय मामले के केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सीएसआर रिसर्च फाउण्डेशन द्वारा आयोजित ‘‘सतत् विकास के लिये सीएसआर- एक उपकरण‘‘ के उद्घाटन समारोह में 22 नवंबर, 2014 को होटल ली मीरीडियन, जनपथ, नई दिल्ली […]
इको-फ्रेडली एवं जुट उत्पादों की खास मांग है राजस्थान पवेलियन में नई दिल्ली, 19 नवम्बर, 2014। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे 34 वें भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राजस्थान मंडप में इको-फ्रेडली उत्पादों को प्रशंसकों एवं ग्राहकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है और उनकी अपनी खासियत एवं विश्वनीयता के […]